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कठपुडियाछीना विकासखंड नहीं बना तो आंदोलन
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:35 PM IST
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बागेश्वर। जन संघर्ष समिति ने कठपुड़ियाछीना को ब्लॉक बनाने की मांग मुखर कर दी है। संघर्ष समिति का कहना है कि यदि कठपुड़ियाछीना को अलग ब्लॉक नहीं बनाया गया तो एक बार फिर क्षेत्र की जनता को साथ लेकर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि खरेही, रीठागाड़, धूराफाट क्षेत्र की 49 ग्राम पंचायतों द्वारा 1998 से पृथक कठपुड़ियाछीना विकासखंड की मांग उठाई जा रही है, लेकिन आज तक इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अलग ब्लॉक नहीं बनने से क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है।
संघर्ष समिति ने काफलीगैर तहसील में उपजिलाधिकारी का पद सृजित नहीं होने पर भी नाराजगी जताई है। समिति का कहना है कि उपजिलाधिकारी के नहीं होने से जनता को सभी कार्यों के लिए बागेश्वर जाना पड़ता है। इसमें धन और समय दोनों की बरबादी होती है।
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संघर्ष सिमिति ने क्षेत्र के न्याय पंचायत बोहाला सैंज एवं पंतगांव में सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेल का निर्माण करने, बौड़ी-धूराफाट पेयजल योजना का सुधार, आईटीआई का भवन बनाने, कठपुडियाछीना-सेराघाट मोटर मार्ग को सेराघाट से जोड़ने, दाणोंछीना सिंचाई पंपिंग योजना को ग्राम बांजगांव, लोब, भाटगाड़ और कठपुडियाछीना से जोड़ने की मांग उठाई है।
समिति के अध्यक्ष का आरोप है कि उनकी मांगों की लगातार अनदेेखी की जा रही है। यदि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि खरेही, रीठागाड़, धूराफाट क्षेत्र की 49 ग्राम पंचायतों द्वारा 1998 से पृथक कठपुड़ियाछीना विकासखंड की मांग उठाई जा रही है, लेकिन आज तक इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अलग ब्लॉक नहीं बनने से क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है।
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संघर्ष समिति ने काफलीगैर तहसील में उपजिलाधिकारी का पद सृजित नहीं होने पर भी नाराजगी जताई है। समिति का कहना है कि उपजिलाधिकारी के नहीं होने से जनता को सभी कार्यों के लिए बागेश्वर जाना पड़ता है। इसमें धन और समय दोनों की बरबादी होती है।
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संघर्ष सिमिति ने क्षेत्र के न्याय पंचायत बोहाला सैंज एवं पंतगांव में सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेल का निर्माण करने, बौड़ी-धूराफाट पेयजल योजना का सुधार, आईटीआई का भवन बनाने, कठपुडियाछीना-सेराघाट मोटर मार्ग को सेराघाट से जोड़ने, दाणोंछीना सिंचाई पंपिंग योजना को ग्राम बांजगांव, लोब, भाटगाड़ और कठपुडियाछीना से जोड़ने की मांग उठाई है।
समिति के अध्यक्ष का आरोप है कि उनकी मांगों की लगातार अनदेेखी की जा रही है। यदि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।