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ब्रिज कोर्स और डीएलएड की बाध्यता समाप्त की जाए
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:35 PM IST
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बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने वर्ष 2001 के बाद नियुक्त विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों को ब्रिज कोर्स व डीएलएड की बाध्यता से मुक्त रखने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि इसके लिए उन्हें बाध्य किया गया तो सभी शिक्षक आंदोलन करने के साथ ही कोर्ट की शरण में जाएंगे।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की कपकोट इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में लगभग 13175 विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षक वर्ष 2001 से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। शासन की नियमावली के अनुसार छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नियुक्त शिक्षकों को भी अब अप्रशिक्षित घोषित कर ब्रिज कोर्स व डीएलएड प्रशिक्षण के लिए बाध्य किया जा रहा है।
इससे सभी शिक्षक स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। संघ के अध्यक्ष कमलेश पांडेय सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और डीएलएड के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को एनसीटीई से मान्यता दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि शिक्षकों के साथ अन्याय किया गया तो सभी शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा है जरूरत पड़ने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी।
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उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की कपकोट इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में लगभग 13175 विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षक वर्ष 2001 से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। शासन की नियमावली के अनुसार छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नियुक्त शिक्षकों को भी अब अप्रशिक्षित घोषित कर ब्रिज कोर्स व डीएलएड प्रशिक्षण के लिए बाध्य किया जा रहा है।
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इससे सभी शिक्षक स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। संघ के अध्यक्ष कमलेश पांडेय सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और डीएलएड के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण को एनसीटीई से मान्यता दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि शिक्षकों के साथ अन्याय किया गया तो सभी शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा है जरूरत पड़ने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी।
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