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38 दिन बाद खुले स्कूल, रौनक लौटी
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:56 PM IST
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बागेश्वर। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सरकारी और निजी स्कूल खुल गए हैं। इससे स्कूलों में रौनक फिर लौट आई है। इसके साथ ही स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई भी शुरू हो गई है।
सोमवार से सरकारी और निजी स्कूल खुल गए। इससे पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों ने 38 दिन के अवकाश का लुत्फ उठाया। सरकारी स्कूलों में 25 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। लंबे अवकाश के बाद बच्चे वापस लौटे तो सरकारी और निजी स्कूलों की रौनक फिर लौट आई। अवकाश के बाद स्कूल जाने को लेकर बच्चों के बीच खासा उत्साह नजर आया।
सड़कों पर स्कूली वाहनों का बढ़ा दबाव
बागेश्वर। स्कूल खुलने के साथ ही नगर की यातायात व्यवस्था पर स्कूली वाहनों का दबाव बढ़ गया है। यहां निजी स्कूलों के दो दर्जन छोटे-बड़े वाहन हैं। पहले दिन ही स्कूली वाहनों का सड़क पर दबाव नजर आया। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों के बच्चों का टैक्सी वाहनों पर दबाव बढ़ा।
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क्षेत्र में बढ़ी चहल-पहल
स्कूल खुलने के साथ ही क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। ग्रीष्मकालीन अवकाश पर पैतृक गांव या संबंधियों के घर गए स्कूली बच्चों के परिवार वापस लौट आए। शिक्षकों ने भी लंबे अवकाश के बाद तैनाती स्थलों का रुख किया।
सोमवार से सरकारी और निजी स्कूल खुल गए। इससे पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों ने 38 दिन के अवकाश का लुत्फ उठाया। सरकारी स्कूलों में 25 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। लंबे अवकाश के बाद बच्चे वापस लौटे तो सरकारी और निजी स्कूलों की रौनक फिर लौट आई। अवकाश के बाद स्कूल जाने को लेकर बच्चों के बीच खासा उत्साह नजर आया।
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सड़कों पर स्कूली वाहनों का बढ़ा दबाव
बागेश्वर। स्कूल खुलने के साथ ही नगर की यातायात व्यवस्था पर स्कूली वाहनों का दबाव बढ़ गया है। यहां निजी स्कूलों के दो दर्जन छोटे-बड़े वाहन हैं। पहले दिन ही स्कूली वाहनों का सड़क पर दबाव नजर आया। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों के बच्चों का टैक्सी वाहनों पर दबाव बढ़ा।
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क्षेत्र में बढ़ी चहल-पहल
स्कूल खुलने के साथ ही क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। ग्रीष्मकालीन अवकाश पर पैतृक गांव या संबंधियों के घर गए स्कूली बच्चों के परिवार वापस लौट आए। शिक्षकों ने भी लंबे अवकाश के बाद तैनाती स्थलों का रुख किया।