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अजब-गजब : 35 साल कम पड़ गए नौ किमी सड़क निर्माण के लिए
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:22 PM IST
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बागेश्वर। कौसानी-डोबा-नौघर-लखनी सड़क वर्ष 1982 में मंजूर हो गई थी, लेकिन तब से लेकर आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क का निर्माण नहीं होने से जहां ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वहीं गांवों का विकास भी ठप पड़ा है। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सड़क का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने सड़क का निर्माण जल्दी शुरू न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
डीएम को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि उप्र शासन ने वर्ष 1982 में कौसानी-डोबा-नौघर-लखनी सड़क मंजूर कर दी थी। अलग राज्य बनने पर वर्ष 2005 में नौ किमी लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को 139 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। सड़क के निर्माण की प्रक्रिया चल ही रही थी कि वर्ष 2014 में सड़क पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड को हस्तांतरित कर दी गई। पीएमजीएसवाई ने सड़क का सर्वेक्षण कौसानी डौनी से लखनी तक करने के बजाए केवल डौनी से नौघर तक ही किया। विभाग ने सर्वेक्षण में मार्ग को आगे बढ़ाने के बजाए उल्टा गांव की ओर ही मोड़ दिया।
नौघर से लखनी तक सड़क नहीं बनने से ग्राम बटप्यार, कलूफल्या, बगेटिया और बारखा की जनता यातायात से वंचित है। वहीं सड़क के बनने से जिला मुख्यालय की दूरी घटकर 15 किमी रह जाएगी। गरुड़-बैजनाथ-बागेश्वर सड़क में जाम की नौबत नहीं आएगी। गांवों के विकास में तेजी आने के साथ ही पर्यटन को भी नए आयाम मिलेंगे। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ नागरिक एमएस नयाल, एडवोकेट कृष्णा सिंह बिष्ट, बीडीसी सदस्य निशा देवी, एराड़ी, लखनी, डौनी के ग्राम प्रधानों के अलावा राजेंद्र सिंह, ललित प्रसाद, शिव शंकर महरा, धर्म सिंह आदि शामिल हैं।
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डीएम को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि उप्र शासन ने वर्ष 1982 में कौसानी-डोबा-नौघर-लखनी सड़क मंजूर कर दी थी। अलग राज्य बनने पर वर्ष 2005 में नौ किमी लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को 139 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। सड़क के निर्माण की प्रक्रिया चल ही रही थी कि वर्ष 2014 में सड़क पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड को हस्तांतरित कर दी गई। पीएमजीएसवाई ने सड़क का सर्वेक्षण कौसानी डौनी से लखनी तक करने के बजाए केवल डौनी से नौघर तक ही किया। विभाग ने सर्वेक्षण में मार्ग को आगे बढ़ाने के बजाए उल्टा गांव की ओर ही मोड़ दिया।
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नौघर से लखनी तक सड़क नहीं बनने से ग्राम बटप्यार, कलूफल्या, बगेटिया और बारखा की जनता यातायात से वंचित है। वहीं सड़क के बनने से जिला मुख्यालय की दूरी घटकर 15 किमी रह जाएगी। गरुड़-बैजनाथ-बागेश्वर सड़क में जाम की नौबत नहीं आएगी। गांवों के विकास में तेजी आने के साथ ही पर्यटन को भी नए आयाम मिलेंगे। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ नागरिक एमएस नयाल, एडवोकेट कृष्णा सिंह बिष्ट, बीडीसी सदस्य निशा देवी, एराड़ी, लखनी, डौनी के ग्राम प्रधानों के अलावा राजेंद्र सिंह, ललित प्रसाद, शिव शंकर महरा, धर्म सिंह आदि शामिल हैं।
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