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पेयजल संकट से जूझ रहे गड़ियाडोबा के 45 परिवार
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 22 Apr 2017 10:52 PM IST
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बागेश्वर जिले के गड़ियाडोबा गांव के चार तोक पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। छह साल पूर्व पेयजल को लेकर चलाए गए आंदोलन के दौरान जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा दिया गया आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ है। इससे नाराज ग्रामीणों ने फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
गणियाडोबा के गड़िया , तल्ला गोलधार, मल्ला गोलधार, चिफलथोड़ा तोकों में लगभग 45 परिवार रहते हैं। पुरानी योजना होने के कारण इन परिवारों को जरूरत का पानी नहीं मिल पाता है। पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने छह साल पूर्व नई योजना के निर्माण के लिए आंदोलन चलाया था। तब जल संस्थान के अधिकारियों ने गड़िया सहित सभी तोकों के लिए अलग से पेयजल योजना का निर्माण करने का आश्वासन दिया था। लेकिन छह साल बीतने के बाद भी योजना नहीं बन पाई है।
पुरानी योजना से इन परिवारों को जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल पाता है। गांव के इन सभी तोकों के पहाड़ी पर स्थित होने से आसपास जल स्रोत भी नहीं है। इसके चलते गर्मियों में इन परिवारों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है। गांव के पशुपालकों को मवेशियों के लिए पानी जुटाना कठिन हो जाता है। गांव गरीब उत्थान मंच के संयोजक विशन सिंह टंगड़िया ने बताया कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए कई बार आंदोलन किया जा चुका है। आज तक कोरे आश्वासन मिले हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर ग्रामीणों को साथ लेकर पेयजल की समस्या को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
गणियाडोबा के गड़िया , तल्ला गोलधार, मल्ला गोलधार, चिफलथोड़ा तोकों में लगभग 45 परिवार रहते हैं। पुरानी योजना होने के कारण इन परिवारों को जरूरत का पानी नहीं मिल पाता है। पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने छह साल पूर्व नई योजना के निर्माण के लिए आंदोलन चलाया था। तब जल संस्थान के अधिकारियों ने गड़िया सहित सभी तोकों के लिए अलग से पेयजल योजना का निर्माण करने का आश्वासन दिया था। लेकिन छह साल बीतने के बाद भी योजना नहीं बन पाई है।
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पुरानी योजना से इन परिवारों को जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल पाता है। गांव के इन सभी तोकों के पहाड़ी पर स्थित होने से आसपास जल स्रोत भी नहीं है। इसके चलते गर्मियों में इन परिवारों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है। गांव के पशुपालकों को मवेशियों के लिए पानी जुटाना कठिन हो जाता है। गांव गरीब उत्थान मंच के संयोजक विशन सिंह टंगड़िया ने बताया कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए कई बार आंदोलन किया जा चुका है। आज तक कोरे आश्वासन मिले हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर ग्रामीणों को साथ लेकर पेयजल की समस्या को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
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