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गांवों में मोबाइल टावर नहीं लगना खेदजनक
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:19 PM IST
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बागेश्वर। जिले के दुर्गम गांवों को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए मोबाइल टावर नहीं लगाने को प्रदेश के संयुक्त सचिव ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संचार क्रांति के इस दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन सुविधा नहीं होने को बेहद खेदजनक बताते हुए आईटीडीए के निदेशक और दूरसंचार विभाग के महाप्रबंधक को दुर्गम गांवों में मोबाइल टावर लगाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि जिले के दूरस्थ गांव रातिरकेटी, गोगिना, मल्ला डुंगर्चा, कीमू सहित पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र से लगे गांवों में संचार की कोई सुविधा नहीं है। दूरस्थ इलाकों के लोगों को परिजनों से बातचीत के लिए 50 से 60 किमी की दूरी तय कर तहसील मुख्यालय कपकोट पहुंचना पड़ता है। इन गांवों में मोबाइल टावर लगाने के लिए पिछले दिनों डीएम ने सर्विस दाता कंपनियों के साथ बैठक की थी। इसके बावजूद न तो सार्वजनिक और न ही निजी क्षेत्र की किसी मोबाइल कंपनी ने टावर लगाने का प्रयास किया है।
मामले में संयुक्त सचिव एसएस टोलिया ने आईटीडीए के निदेशक और दूरसंचार विभाग के महाप्रबंधक को डिजिटल इंडिया के तहत राज्य के सुगम, दुर्गम और अति दुर्गम गांवों में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजनाओं के तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए की जाने वाली कार्यवाही की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को कहा है। संयुक्त सचिव की ओर से पत्र जारी होने के बाद संचार सुविधाओं से वंचित गांवों में मोबाइल टावर लगने की उम्मीद जग गई है।
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बता दें कि जिले के दूरस्थ गांव रातिरकेटी, गोगिना, मल्ला डुंगर्चा, कीमू सहित पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र से लगे गांवों में संचार की कोई सुविधा नहीं है। दूरस्थ इलाकों के लोगों को परिजनों से बातचीत के लिए 50 से 60 किमी की दूरी तय कर तहसील मुख्यालय कपकोट पहुंचना पड़ता है। इन गांवों में मोबाइल टावर लगाने के लिए पिछले दिनों डीएम ने सर्विस दाता कंपनियों के साथ बैठक की थी। इसके बावजूद न तो सार्वजनिक और न ही निजी क्षेत्र की किसी मोबाइल कंपनी ने टावर लगाने का प्रयास किया है।
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मामले में संयुक्त सचिव एसएस टोलिया ने आईटीडीए के निदेशक और दूरसंचार विभाग के महाप्रबंधक को डिजिटल इंडिया के तहत राज्य के सुगम, दुर्गम और अति दुर्गम गांवों में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजनाओं के तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए की जाने वाली कार्यवाही की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को कहा है। संयुक्त सचिव की ओर से पत्र जारी होने के बाद संचार सुविधाओं से वंचित गांवों में मोबाइल टावर लगने की उम्मीद जग गई है।
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