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Bageshwar News: बागेश्वर जिले में 392.40 टन हो रहा कश्मीरी अखरोट का उत्पादन

Mon, 06 May 2024 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Mon, 06 May 2024 12:25 AM IST
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392.40 tonnes of Kashmiri walnut is being produced in Bageshwar district.
बागेश्वर। जिले में अखरोट की पैदावार बढ़ाने के लिए वेलनट मिशन मददगार साबित हो रहा है। कश्मीरी प्रजाति के अखरोट जिले में पैदा किए जा रहे हैं। जिले में 407.45 हेक्टेयर में 392.40 टन अखरोट का उत्पादन हो रहा है। इससे किसानों को अच्छी आय हो रही है।
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उद्यान विभाग वर्ष 2016 से वेलनट मिशन योजना चला रहा है। इस मिशन के तहत 1000 मीटर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अखरोट का उत्पादन किया जा रहा है। जिले के गोगिना, लीती, भनार, रावतसेरा, पालड़ीछीना और कौसानी में अखरोट की पैदावार की जा रही है। वेलनट मिशन के तहत किसानों का चयन कर 50 नाली क्षेत्रफल में अखरोट के 100 पौधे लगाए जाते हैं। उद्यान विभाग से अखरोट का एक पौधा 250 रुपये में किसानों को दिया जाता है जिसके लिए 80 प्रतिशत यानी 20,000 रुपये का अनुदान उद्यान विभाग किसान को प्रदान करता है। शेष 20 प्रतिशत रकम किसान को स्वयं वहन करनी पड़ती है।
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बाजार में अखरोट 400 से 600 रुपये किलो बेचा जाता है। वर्तमान में वेलनट मिशन की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। किसान अखरोट के पौधे लगाने में अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यह मिशन के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
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ग्राफ्टेड विधि का किया जा रहा प्रयोग

बागेश्वर। स्थानीय अखरोट के पेड़ों की गुणवत्ता जांच कर ग्राफ्टेड विधि से उनमें कश्मीरी चैंडिलर किस्म के पेड़ की कलम लगाई जाती है जिससे दो साल बाद ही पेड़ फल देने लगता है। जिले के कर्मी के राजकीय पौधालय में अखरोट के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। संवाद


वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक, बागेश्वर, कुलदीप जोशी ने बताया कि अखरोट का उत्पादन किसानों की आय का जरिया बन रहा है। वर्तमान में किसानों का रुझान अखराेट उत्पादन से हटकर कीवी उत्पादन की तरफ बढ़ रहा है। जिस वजह से जिले में वेलनट मिशन थोड़ा धीमा पड़ गया है। किसान की डिमांड पर ही पौधे मंगाए जाते हैं।

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