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खेती को जंगली जानवरों से बचाओ
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:57 PM IST
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बागेश्वर। भारतीय खेतिहर मजदूर संघ की जिला इकाई की बैठक में पिछले दिनों विभिन्न गांवों में ओलावृष्टि से हुए रबी की फसलों के साथ ही शाकभाजी और फलोत्पादन को हुए नुकसान की शीघ्र भरपाई करने की मांग की गई। सरकार से कृषि, बागवानी और फलोत्पादन को जंगली जानवरों से बचाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
बागनाथ मंदिर परिसर में खेतिहर मजदूर संघ के जिला संयोजक गणेश सिंह बोरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कृषि, बागवानी और फलोत्पादन किसानों की मुख्य रीड़ है लेकिन इन्हें जंगली जानवरों से बचाने के कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। जानवरों से रही सही फसल प्राकृतिक आपदा की मार पड़ रही है लेकिन सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा भी नहीं दे रही है।
बढ़ते पलायन से गांव खाली होते जा रहे हैं। कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों के लिए काम नहीं किया तो आंदोलन की राह पकडने को मजबूर होना पड़ेगा। वहां दरबान बिष्ट, रंजीत रौतेला, मदन सिंह, घनश्याम कांडपाल, जीवन सिंह, चंचल राम, मीनाक्षी आर्या, दिनेश कुमार, कमला जोशी, तारा पाठक, प्रताप सिंह, केशर सिंह, बसंती, पूरन गंगोला आदि थे।
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बागनाथ मंदिर परिसर में खेतिहर मजदूर संघ के जिला संयोजक गणेश सिंह बोरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कृषि, बागवानी और फलोत्पादन किसानों की मुख्य रीड़ है लेकिन इन्हें जंगली जानवरों से बचाने के कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। जानवरों से रही सही फसल प्राकृतिक आपदा की मार पड़ रही है लेकिन सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा भी नहीं दे रही है।
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बढ़ते पलायन से गांव खाली होते जा रहे हैं। कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों के लिए काम नहीं किया तो आंदोलन की राह पकडने को मजबूर होना पड़ेगा। वहां दरबान बिष्ट, रंजीत रौतेला, मदन सिंह, घनश्याम कांडपाल, जीवन सिंह, चंचल राम, मीनाक्षी आर्या, दिनेश कुमार, कमला जोशी, तारा पाठक, प्रताप सिंह, केशर सिंह, बसंती, पूरन गंगोला आदि थे।
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