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थुणांई -भटोली सड़क का मिलान रूनीखेत-डुंगरगांव से न होने से रोष
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:11 AM IST
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Road Shimla
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बागेश्वर। थुणांई-भटोली सड़क का मिलान रूनीखेत-अमतौड़ा-डुंगरगांव सड़क से न होने से ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क का मिलान शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भटोली-थुणांई सड़क का निर्माण वर्ष 2010 में घटगाड़ गधेरे तक हो गया था। गधेरे में पुल न बनने से आगे का काम रोक दिया गया था। वर्ष 2015 में बनी रूनीखेत-अमतौड़ा वाया शहीद गांव डुंगरगांव के लिए बनी सड़क प्राइमरी स्कूल खोली तक बनी है। वहां से सड़क से दूरी 300 मीटर है। गधेरे से सड़क का मिलान रूनीखेत-अमतौड़ा-डुंगरगांव सड़क से होने पर जहां ग्रामीणों को यातायात की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरे क्षेत्रों को जाने के लिए ग्रामीणों को 15 किमी की दूरी कम नापनी पड़ेगी। गांवों में रसोई गैस के वाहन के साथ ही 108 नंबर आने में भी सुविधा होगी। उन्होंने शासन, लोनिवि से सड़क का मिलान करवाने की मांग की है। इनमें ग्राम प्रधान कुंवर सिंह परिहार, जुगल, पूर्ण चंद्र, विजय, पूरन चंद्र कांडपाल, राजन सिंह परिहार, कमल सिंह आदि थे।
- सड़क का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता को भेजा गया है। बजट प्राप्त होने पर बरसात के बाद सड़क कटान का काम शुरू हो जाएगा।
- एमसी शर्मा
अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड।
भयूं-गडेरा सड़क का डामरीकरण न होने से रोष
बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के भयूूं-गडेरा सड़क का डामरीकरण नौ साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इससे सड़क पर दुर्घटना की आशंका है। ग्रामीणों ने सड़क के डामरीकरण की कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क का डामरीकरण की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में गडेरा के ग्राम प्रधान नारायण राम ने कहा है कि 17 किमी लंबी भयूं-गडेरा सड़क में नौ किमी की दूरी तक डामरीकरण हो चुुका है। आठ किमी सड़क कच्ची ही है। डामरीकरण न होने से सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। पिछली बरसात में सड़क का किनारा कई जगह ध्वस्त हो गया था। सड़क की हालत खराब होने से सड़क पर दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने सीएम से सड़क की हालत सुधारने के लिए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
बैनामा कराया लेकिन मुआवजा नहीं दिया
कपकोट (बागेश्वर)। लोनिवि ने कपकोट-उतरौड़ा-पोलिंग सड़क के निर्माण में कटी उतरौड़ा के किसानों की भूमि का एक महीने पहले तहसील कार्यालय में बैनामा कर लिया था। लेकिन तब से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। उत्तरौड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि लोनिवि ने कपकोट-उतरौड़ा-पोलिंग सड़क के निर्माण में कटी नाप भूमि का एक महीना पहले तहसील में अपने नाम बैनामा करा लिया था, लेकिन भुगतान नहीं हो सका। भुगतान की मांग कर बार कर दी गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। इससे प्रभावित किसानों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे का भुगतान शीघ्र कराने के लिए लोनिवि को सख्त निर्देश देने की मांग की है। गुस्साए प्रभावितों ने मुआवजे का शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इनमें प्रकाश जोशी, केदार दत्त जोशी, पीतांबर पांडे, प्रदीप कुमार जोशी, केशव दत्त जोशी आदि थे।
प्रभावितों ने शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
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भटोली-थुणांई सड़क का निर्माण वर्ष 2010 में घटगाड़ गधेरे तक हो गया था। गधेरे में पुल न बनने से आगे का काम रोक दिया गया था। वर्ष 2015 में बनी रूनीखेत-अमतौड़ा वाया शहीद गांव डुंगरगांव के लिए बनी सड़क प्राइमरी स्कूल खोली तक बनी है। वहां से सड़क से दूरी 300 मीटर है। गधेरे से सड़क का मिलान रूनीखेत-अमतौड़ा-डुंगरगांव सड़क से होने पर जहां ग्रामीणों को यातायात की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरे क्षेत्रों को जाने के लिए ग्रामीणों को 15 किमी की दूरी कम नापनी पड़ेगी। गांवों में रसोई गैस के वाहन के साथ ही 108 नंबर आने में भी सुविधा होगी। उन्होंने शासन, लोनिवि से सड़क का मिलान करवाने की मांग की है। इनमें ग्राम प्रधान कुंवर सिंह परिहार, जुगल, पूर्ण चंद्र, विजय, पूरन चंद्र कांडपाल, राजन सिंह परिहार, कमल सिंह आदि थे।
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- सड़क का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता को भेजा गया है। बजट प्राप्त होने पर बरसात के बाद सड़क कटान का काम शुरू हो जाएगा।
- एमसी शर्मा
अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड।
भयूं-गडेरा सड़क का डामरीकरण न होने से रोष
बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के भयूूं-गडेरा सड़क का डामरीकरण नौ साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इससे सड़क पर दुर्घटना की आशंका है। ग्रामीणों ने सड़क के डामरीकरण की कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क का डामरीकरण की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में गडेरा के ग्राम प्रधान नारायण राम ने कहा है कि 17 किमी लंबी भयूं-गडेरा सड़क में नौ किमी की दूरी तक डामरीकरण हो चुुका है। आठ किमी सड़क कच्ची ही है। डामरीकरण न होने से सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। पिछली बरसात में सड़क का किनारा कई जगह ध्वस्त हो गया था। सड़क की हालत खराब होने से सड़क पर दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने सीएम से सड़क की हालत सुधारने के लिए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
बैनामा कराया लेकिन मुआवजा नहीं दिया
कपकोट (बागेश्वर)। लोनिवि ने कपकोट-उतरौड़ा-पोलिंग सड़क के निर्माण में कटी उतरौड़ा के किसानों की भूमि का एक महीने पहले तहसील कार्यालय में बैनामा कर लिया था। लेकिन तब से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। उत्तरौड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि लोनिवि ने कपकोट-उतरौड़ा-पोलिंग सड़क के निर्माण में कटी नाप भूमि का एक महीना पहले तहसील में अपने नाम बैनामा करा लिया था, लेकिन भुगतान नहीं हो सका। भुगतान की मांग कर बार कर दी गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। इससे प्रभावित किसानों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे का भुगतान शीघ्र कराने के लिए लोनिवि को सख्त निर्देश देने की मांग की है। गुस्साए प्रभावितों ने मुआवजे का शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इनमें प्रकाश जोशी, केदार दत्त जोशी, पीतांबर पांडे, प्रदीप कुमार जोशी, केशव दत्त जोशी आदि थे।
प्रभावितों ने शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी