{"_id":"59359bb64f1c1b68128b4592","slug":"1496685508220-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 किमी पैदल चलकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 किमी पैदल चलकर
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जबरदस्त जजबे से सफलता ने चूमे कदम
बागेश्वर। खुदी को कर बुलंद इतना कि खुद खुदा तुझसे पूछे बोल तेरी रजा क्या है। इस शेर को हकीकत बनाया है कीमू गांव की बेटियों ने। 20 किमी का पैदल रास्ता भी पढ़ाई के प्रति उनके जबरदस्त जजबे को फीका नहीं कर पाया। बेटियों की मेहनत और लगन ऐसी की सफलता ने आज उनके कदम चूम लिए है। गांव के साथ चूल्हा-चौकी में मां का हाथ बंटाने से लेकर खेतों में जाकर पशुओं के लिए चारा बटोरने की जिम्मेदारी के साथ 10 किमी की पैदल दूरी तय कर स्कूल पहुंचने वाली इन बेटियों को सम्मानित किया जाएगा। बागेश्वर जिले के अति दुर्गम कीमू गांव की चार बेटियों ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में अपनी मेहनत के दम पर 82 से लेकर 85 प्रतिशत तक अंक हासिल किए हैं। इन होनहार बेटियों को विद्यालय प्रबंधन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करेंगे।
कीमू गांव बागेश्वर जिले का अंतिम गांव है। पिथौरागढ़ जिले के नामिक से लगे इस गांव तक पहुंचने के लिए दुर्गम और खतरनाक रास्तों से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। इस गांव में स्कूल व अस्पताल की सुविधा तो दूर मोबाइल के सिग्नल तक नहीं पहुंचते हैं। यहां के बच्चे हाइस्कूल की पढ़ाई के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोगिना जाते हैं। इसके लिए बच्चों को रोज 20 किमी की दूरी पैदल ही नापनी पड़ती है। बावजूद इसके पढ़ाई के प्रति इनके जजबे ने सफलता को इनके कदम चूमने पर मजबूर कर दिया। इस गांव की चार छात्राओं ने उत्तराखंड बोर्ड की हाइस्कूल परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर कमाल कर दिखाया है। गांव की इन छात्रा जानकी टाकुली 85 प्रतिशत, लक्ष्मी दानू 84.8 प्रतिशत, प्रेमा रौतेला 83.8 प्रतिशत और रेखा रौतेला 82 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुई हैं।
प्रधानाचार्य मुकेश सिंह धानिक ने बताया कि इस वर्ष विद्यालय से 13 छात्र-छात्राओं ने हाइस्कूल की परीक्षा दी थी। सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं से पहले अतिरिक्त कक्षाएं चलाई गई थी। परिणाम सुखद रहा। यह बच्चे अब इंटर की पढ़ाई के लिए इंटर कॉलेज रातिरकेटी जाएंगे। इधर क्षेत्र पंचायत सदस्य जसपाल सिंह रौतेला ने बताया कि 20 किमी की पैदल दूरी तय कर 82 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली बेटियों का स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। खुदी को कर बुलंद इतना कि खुद खुदा तुझसे पूछे बोल तेरी रजा क्या है। इस शेर को हकीकत बनाया है कीमू गांव की बेटियों ने। 20 किमी का पैदल रास्ता भी पढ़ाई के प्रति उनके जबरदस्त जजबे को फीका नहीं कर पाया। बेटियों की मेहनत और लगन ऐसी की सफलता ने आज उनके कदम चूम लिए है। गांव के साथ चूल्हा-चौकी में मां का हाथ बंटाने से लेकर खेतों में जाकर पशुओं के लिए चारा बटोरने की जिम्मेदारी के साथ 10 किमी की पैदल दूरी तय कर स्कूल पहुंचने वाली इन बेटियों को सम्मानित किया जाएगा। बागेश्वर जिले के अति दुर्गम कीमू गांव की चार बेटियों ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में अपनी मेहनत के दम पर 82 से लेकर 85 प्रतिशत तक अंक हासिल किए हैं। इन होनहार बेटियों को विद्यालय प्रबंधन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करेंगे।
कीमू गांव बागेश्वर जिले का अंतिम गांव है। पिथौरागढ़ जिले के नामिक से लगे इस गांव तक पहुंचने के लिए दुर्गम और खतरनाक रास्तों से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। इस गांव में स्कूल व अस्पताल की सुविधा तो दूर मोबाइल के सिग्नल तक नहीं पहुंचते हैं। यहां के बच्चे हाइस्कूल की पढ़ाई के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोगिना जाते हैं। इसके लिए बच्चों को रोज 20 किमी की दूरी पैदल ही नापनी पड़ती है। बावजूद इसके पढ़ाई के प्रति इनके जजबे ने सफलता को इनके कदम चूमने पर मजबूर कर दिया। इस गांव की चार छात्राओं ने उत्तराखंड बोर्ड की हाइस्कूल परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर कमाल कर दिखाया है। गांव की इन छात्रा जानकी टाकुली 85 प्रतिशत, लक्ष्मी दानू 84.8 प्रतिशत, प्रेमा रौतेला 83.8 प्रतिशत और रेखा रौतेला 82 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुई हैं।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य मुकेश सिंह धानिक ने बताया कि इस वर्ष विद्यालय से 13 छात्र-छात्राओं ने हाइस्कूल की परीक्षा दी थी। सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं से पहले अतिरिक्त कक्षाएं चलाई गई थी। परिणाम सुखद रहा। यह बच्चे अब इंटर की पढ़ाई के लिए इंटर कॉलेज रातिरकेटी जाएंगे। इधर क्षेत्र पंचायत सदस्य जसपाल सिंह रौतेला ने बताया कि 20 किमी की पैदल दूरी तय कर 82 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली बेटियों का स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मान किया जाएगा।
विज्ञापन