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प्रवक्ता विहीन चल रहा राइंका सनगाड़
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:33 PM IST
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बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज सनगाड़ प्रवक्ता विहीन चल रहा है। शिक्षकों के अभाव के बीच उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई चौपट हो चुकी है। इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं। अभिभावकों की गुहार के बावजूद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। विद्यालय की इस बदहाली को देखकर तमाम अभिभावक गांव छोड़ने तक का मन बना चुके हैं।
कांडा तहसील के दुर्गम में स्थित राइंका सनगाड़ एकमात्र इंटर कॉलेज है। विद्यालय में बास्ती, द्वारी, थुमा, सनगाड़ के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ता के सभी पद खाली चल रहे हैं। इससे उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई चौपट हो गई है। नया सत्र शुरू हुए चार माह बीत चुके हैं लेकिन उच्च माध्यमिक विद्यार्थियों के लिए अब तब पढ़ाई का हासिल शून्य है। इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन देकर शीघ्र नियुक्ति की मांग की है। इधर, कपकोट के कनिष्ठ प्रमुख गोकुल पंचपाल का कहना है कि शिक्षकों के न होने से बच्चों का भविष्य अंधेरे में है। जल्द शिक्षकों की नियुक्ति न हुई तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
एलटी में अहम विषयों के चार पद खाली
बागेश्वर। विद्यालय में एलटी शिक्षकों का भी टोटा है। आलम यह है कि चार अहम विषयों के शिक्षकों के पद खाली है। कक्षा छह से लेकर आठ के विद्यार्थियों को हिंदी, गणित, विज्ञान, कला विषय पढ़ाने वाला नहीं है। इससे इन विषयों की पढ़ाई चौपट पड़ी है। विद्यालय एलटी के तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। विद्यालय की व्यवस्थाएं बनाने के फेर में एलटी शिक्षक भी छात्रों को पूरा समय नहीं दे पाते।
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बच्चों के जिम्मे है स्टाफ का काम
बागेश्वर। विद्यालय में शिक्षक ही नहीं स्टाफ का भी टोटा है। यहां बाबू, चपरासी और चौकीदार तक के पद खाली है। विद्यालय खोलने से लेकर बंद करने, देख-रेख, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं का भार विद्यार्थी के जिम्मे है।
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कांडा तहसील के दुर्गम में स्थित राइंका सनगाड़ एकमात्र इंटर कॉलेज है। विद्यालय में बास्ती, द्वारी, थुमा, सनगाड़ के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ता के सभी पद खाली चल रहे हैं। इससे उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई चौपट हो गई है। नया सत्र शुरू हुए चार माह बीत चुके हैं लेकिन उच्च माध्यमिक विद्यार्थियों के लिए अब तब पढ़ाई का हासिल शून्य है। इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन देकर शीघ्र नियुक्ति की मांग की है। इधर, कपकोट के कनिष्ठ प्रमुख गोकुल पंचपाल का कहना है कि शिक्षकों के न होने से बच्चों का भविष्य अंधेरे में है। जल्द शिक्षकों की नियुक्ति न हुई तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
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एलटी में अहम विषयों के चार पद खाली
बागेश्वर। विद्यालय में एलटी शिक्षकों का भी टोटा है। आलम यह है कि चार अहम विषयों के शिक्षकों के पद खाली है। कक्षा छह से लेकर आठ के विद्यार्थियों को हिंदी, गणित, विज्ञान, कला विषय पढ़ाने वाला नहीं है। इससे इन विषयों की पढ़ाई चौपट पड़ी है। विद्यालय एलटी के तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। विद्यालय की व्यवस्थाएं बनाने के फेर में एलटी शिक्षक भी छात्रों को पूरा समय नहीं दे पाते।
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बच्चों के जिम्मे है स्टाफ का काम
बागेश्वर। विद्यालय में शिक्षक ही नहीं स्टाफ का भी टोटा है। यहां बाबू, चपरासी और चौकीदार तक के पद खाली है। विद्यालय खोलने से लेकर बंद करने, देख-रेख, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं का भार विद्यार्थी के जिम्मे है।