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पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी नौकरी का कोटा बढ़ाने की मांग
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:52 PM IST
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बागेश्वर। पूर्व सैनिकों ने बाहुल्य होने के बावजूद राज्य की सरकारी नौकरी में कोटा कम होने पर सवाल उठाए हैं। कहा कि महज एक फीसदी भागीदारी वाले गुजरात का कोटा बाहुल्य वाले उत्तराखंड के समान है। उन्होंने पड़ोसी राज्य हिमाचल की तर्ज पर नौकरी में कोटा बढ़ाने की मांग की है।
शुक्रवार को कपकोट विकास खंड के असों में पूर्व सैनिक सम्मेलन के दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी आरएस धपोला के सामने यह मांग उठाई गई। पूर्व सैनिकों ने हताशा जताते हुए कहा कि राज्य में सैनिक बाहुल्य होने के बावजूद उन्हें सेना से घर लौटने पर आजीविका के अवसर कम मिलते हैं जबकि अन्य राज्यों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम होने के बावजूद ज्यादा अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने आजीविका के अन्य साधनों मसलन पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आवंटन में भी सरकारी कोटा बढ़ाने की मांग उठाई। इस दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने पूर्व सैनिकों और आश्रितों की डॉक्यूमेंट, सेटलमेंट आदि समस्याएं सुनी। इस बीच पूर्व सैनिकों ने आजीविका के साधन और अवसर मुहैया कराने की मांग पुरजोर तरीके से रखी। वहां सुरेश लाल साह, राजेंद्र असवाल, नारायण असवाल, नारायण मेहता, गोविंद असवाल, नंदी देवी आदि थे।
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शुक्रवार को कपकोट विकास खंड के असों में पूर्व सैनिक सम्मेलन के दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी आरएस धपोला के सामने यह मांग उठाई गई। पूर्व सैनिकों ने हताशा जताते हुए कहा कि राज्य में सैनिक बाहुल्य होने के बावजूद उन्हें सेना से घर लौटने पर आजीविका के अवसर कम मिलते हैं जबकि अन्य राज्यों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम होने के बावजूद ज्यादा अवसर मौजूद हैं।
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उन्होंने आजीविका के अन्य साधनों मसलन पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आवंटन में भी सरकारी कोटा बढ़ाने की मांग उठाई। इस दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने पूर्व सैनिकों और आश्रितों की डॉक्यूमेंट, सेटलमेंट आदि समस्याएं सुनी। इस बीच पूर्व सैनिकों ने आजीविका के साधन और अवसर मुहैया कराने की मांग पुरजोर तरीके से रखी। वहां सुरेश लाल साह, राजेंद्र असवाल, नारायण असवाल, नारायण मेहता, गोविंद असवाल, नंदी देवी आदि थे।
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