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धधक उठे जंगल, वन संपदा को नुकसान
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:09 PM IST
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आग
- फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर
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कपकोट (बागेेश्वर)। फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जंगलों में आग धधकने लगी है। आग से चिरपतकोट, चलकाना के आरक्षित वनों के साथ ही वन पंचायत लाहुर के जंगल में आग लगी हुई है। शीतकाल में जहां क्षेत्र कई हिस्सों में कोहरा छाया हुआ है। वहीं जंगलों में लगी आग से धुंध छाने से लोगों की परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। लोगों ने वन विभाग से जंगलों को आग से बचाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
चिरपतकोट और चलकाना के आरक्षित जंगल दो दिन से आग से धधक रहे हैं। आग से बड़ी मात्रा में छोटे-छोटे पौधे, वन्य प्राणी झुलस गए हैं। उधर वन पंचायत लाहुर के जंगल में धधकी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से काफी हद तक काबू पा लिया गया है। पूर्व सूबेदार भीम सिंह दानू ने बताया कि आग बुझाने में महिलाओं और पुरूषों ने काफी सहयोग दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन पंचायत सरपंच का आग बुझाने में सहयोग नहीं मिल रहा है। एक तरफ बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में खुश्क ठंड हो रही है। फसल बर्बादी की कगार पर है। वहीं, जंगलों में लगी आग से जलस्रोतों के सूखने का खतरा बना हुआ है।
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चिरपतकोट और चलकाना के आरक्षित जंगल दो दिन से आग से धधक रहे हैं। आग से बड़ी मात्रा में छोटे-छोटे पौधे, वन्य प्राणी झुलस गए हैं। उधर वन पंचायत लाहुर के जंगल में धधकी आग पर ग्रामीणों के सहयोग से काफी हद तक काबू पा लिया गया है। पूर्व सूबेदार भीम सिंह दानू ने बताया कि आग बुझाने में महिलाओं और पुरूषों ने काफी सहयोग दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन पंचायत सरपंच का आग बुझाने में सहयोग नहीं मिल रहा है। एक तरफ बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में खुश्क ठंड हो रही है। फसल बर्बादी की कगार पर है। वहीं, जंगलों में लगी आग से जलस्रोतों के सूखने का खतरा बना हुआ है।
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