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12 साल बाद भी नहीं मिला भूमि का मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 06 Jul 2015 01:16 AM IST
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कांडा तहसील के अंतर्गत कमेड़ी देेेेवी, स्यांकोट मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान प्रभावित हुए डेढ़ सौ से अधिक किसानों को अभी तक भूमि का मुआवाजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने 15 जुलाई के बाद आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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कमेड़ीदेवी से स्यांकोट के लिए मोटर मार्ग का निर्माण 2012 में हो गया था। नौ किमी बने मार्ग में ग्रामीणों की सिंचित भूमि कट गई। उस समय लोनिवि ने ग्रामीणों को प्रचलित दरों पर मुुआवजा देने का वायदा किया था।
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इसके बाद लोग लगातार मांग करते रहे, लेकिन अभी तक इसका भुगतान नहीं हुुआ है। मुआवजे को पिछले साल ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया।
चौनाला, मजगांव, जाखनी सहित तमाम गांवों के डेढ़ सौ किसान मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन लोनिवि के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर टीएस रावत, ग्राम प्रधान उदे सिंह भौर्याल, लक्ष्मीदेेवी, पूर्व बीडीसी सदस्य देवकी देेवी, नरेंद्र भौर्याल आदि ने कहा है कि लोनिवि ने शीघ्र मुआवजे का भुगतान नहीं किया तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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