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डौला के ग्रामीणों का आंदोलन स्थगित, चुनाव बहिष्कार पर अडिग
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बागेश्वर। विकास के तमाम दावों के बावजूद कपकोट ब्लाक से 20 किमी की दूर डौला ग्राम पंचायत आज तक सड़क से नहीं जुड़ सकी है। यातायात की सुविधा न होने से जहां गांव का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। वहीं गांवों में उत्पादित शाक-भाजी, दूध और फल बाजार तक नहीं पहुंच पाते हैं।
परेशान ग्रामीणों ने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर 25 मार्च को कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना प्रदर्शन का एलान किया था। संघर्ष समिति ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए आंदोलन तो स्थगित कर दिया है अलबत्ता उन्होंने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे को बुलंद रखा है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष नैन सिंह दानू, संरक्षक एडवोकेट खीम सिंह बिष्ट और ग्राम प्रधान हंसी दानू ने कहा कि आंदोलन चुनाव को देखते हुुए स्थगित किया है जबकि चुनाव में मतदान का बहिष्कार का निर्णय यथावत रहेगा।
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290 की जनसंख्या में 175 मतदाता
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार डौला ग्राम पंचायत की जनसंख्या 290 है। वहां 175 वोटर हैं। उबड़ खबड़ रास्तों में रोगियों को डोली में बैठाकर छह किमी दूर कर्मी-बदियाकोट सड़क के मजुआ फार्म तक लाना पड़ता है। पिछले दिनों चंदन दानू की अचानक तबियत खराब हो गई। ग्रामीणों को उन्हें सड़क तक डोली में बैठाकर लाने में पसीने छूट गए।
इंटर की पढ़ाई के लिए छह किमी की दूर
डौला में शिक्षा की ठोस व्यवस्था न होने से बच्चों को जूनियर की पढ़ाई के लिए तीन किमी दूर तीख और इंटर के लिए छह किमी बदियाकोट जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को 20 किमी दूर सीएचसी कपकोट जाना पड़ता है। गांव में रोजगार का भी संकट है। समस्याओं का समाधान न होने से गांव से अब तक 20 परिवार कपकोट, बागेश्वर, अल्मोड़ा और हल्द्वानी चले गए हैं।
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परेशान ग्रामीणों ने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर 25 मार्च को कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना प्रदर्शन का एलान किया था। संघर्ष समिति ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए आंदोलन तो स्थगित कर दिया है अलबत्ता उन्होंने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे को बुलंद रखा है।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष नैन सिंह दानू, संरक्षक एडवोकेट खीम सिंह बिष्ट और ग्राम प्रधान हंसी दानू ने कहा कि आंदोलन चुनाव को देखते हुुए स्थगित किया है जबकि चुनाव में मतदान का बहिष्कार का निर्णय यथावत रहेगा।
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290 की जनसंख्या में 175 मतदाता
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार डौला ग्राम पंचायत की जनसंख्या 290 है। वहां 175 वोटर हैं। उबड़ खबड़ रास्तों में रोगियों को डोली में बैठाकर छह किमी दूर कर्मी-बदियाकोट सड़क के मजुआ फार्म तक लाना पड़ता है। पिछले दिनों चंदन दानू की अचानक तबियत खराब हो गई। ग्रामीणों को उन्हें सड़क तक डोली में बैठाकर लाने में पसीने छूट गए।
इंटर की पढ़ाई के लिए छह किमी की दूर
डौला में शिक्षा की ठोस व्यवस्था न होने से बच्चों को जूनियर की पढ़ाई के लिए तीन किमी दूर तीख और इंटर के लिए छह किमी बदियाकोट जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को 20 किमी दूर सीएचसी कपकोट जाना पड़ता है। गांव में रोजगार का भी संकट है। समस्याओं का समाधान न होने से गांव से अब तक 20 परिवार कपकोट, बागेश्वर, अल्मोड़ा और हल्द्वानी चले गए हैं।