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अल्मोड़ा पासपोर्ट कार्यालय में शुरू हुए कामकाज, पहले दिन तीन आवेदन
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अल्मोड़ा। पासपोर्ट बनाने के लिए अल्मोड़ा समेत क्षेत्र भर के लोगों का लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। लॉकडाउन के बाद से बंद पड़े प्रधान डाकघर स्थित पासपोर्ट कार्यालय में कामशुरू हो गया है। मशीनों में तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने के बाद अब यहां पासपोर्ट बनने शुरू हो गए हैं।
22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से ही अल्मोड़ा प्रधान डाकघर कार्यालय का पासपोर्ट सेवा केंद्र बंद पड़ा था। अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी कार्यालय में लंबे समय तक ताला लटका रहा। प्रदेश सरकार की ओर से एक नवंबर को पासपोर्ट कार्यालय खोलने की गाइडलाइन जारी की गई, लेकिन अल्मोड़ा का पासपोर्ट कार्यालय तब भी नहीं खुला।
एसओपी के एक माह बाद एक दिसंबर को कार्यालय खुल सका। आठ माह से अधिक समय बाद कार्यालय के ताले खुलने के बाद वहां स्कैनर, सीपीयू आदि ठप पड़ गए। मालूम हो कि कार्यालय में अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत जिलों के लोग भी पासपोर्ट बनवाने के लिए पहुंचते हैं।
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कार्यालय बंद होने से लोगों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसके चलते लोगों को देहरादून के चक्कर काटने पड़ रहे थे। एक दिसंबर को कार्यालय खुलने के बाद भी यहां कामकाज शुरू नहीं हो पाए। लेकिन अब तीन सप्ताह बाद तकनीकी दिक्कत दूर कर कार्यालय में कामकाज संचालित हो गए हैं। वरिष्ठ पारपत्र सहायक अधिकारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि नए स्कैनर और एडॉप्टर मिल गए हैं, सीपीयू दुरुस्त कर कार्य शुरू कर दिया गया है। पहले दिन बृहस्पतिवार को तीन आवेदकों के दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों की जांच की गई।
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22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से ही अल्मोड़ा प्रधान डाकघर कार्यालय का पासपोर्ट सेवा केंद्र बंद पड़ा था। अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी कार्यालय में लंबे समय तक ताला लटका रहा। प्रदेश सरकार की ओर से एक नवंबर को पासपोर्ट कार्यालय खोलने की गाइडलाइन जारी की गई, लेकिन अल्मोड़ा का पासपोर्ट कार्यालय तब भी नहीं खुला।
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एसओपी के एक माह बाद एक दिसंबर को कार्यालय खुल सका। आठ माह से अधिक समय बाद कार्यालय के ताले खुलने के बाद वहां स्कैनर, सीपीयू आदि ठप पड़ गए। मालूम हो कि कार्यालय में अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत जिलों के लोग भी पासपोर्ट बनवाने के लिए पहुंचते हैं।
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कार्यालय बंद होने से लोगों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसके चलते लोगों को देहरादून के चक्कर काटने पड़ रहे थे। एक दिसंबर को कार्यालय खुलने के बाद भी यहां कामकाज शुरू नहीं हो पाए। लेकिन अब तीन सप्ताह बाद तकनीकी दिक्कत दूर कर कार्यालय में कामकाज संचालित हो गए हैं। वरिष्ठ पारपत्र सहायक अधिकारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि नए स्कैनर और एडॉप्टर मिल गए हैं, सीपीयू दुरुस्त कर कार्य शुरू कर दिया गया है। पहले दिन बृहस्पतिवार को तीन आवेदकों के दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों की जांच की गई।