{"_id":"5f785bd88ebc3e9b9241fc80","slug":"water-crisis-in-the-villages-of-tadikhet-and-bagwalipokhar-ranikhet-news-hld399102120","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताड़ीखेत और बग्वालीपोखर के कई गांवों में गहराया पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताड़ीखेत और बग्वालीपोखर के कई गांवों में गहराया पानी का संकट
विज्ञापन
रानीखेत(अल्मोड़ा)। रानीखेत और द्वाराहाट क्षेत्र के कई गांवों में पानी की समस्या फिर खड़ी हो गई है। योजनाओं का सही तरीके से रखरखाव नहीं होने के कारण आए दिन लाइनें जवाब दे रही हैं। रानीखेत के ताड़ीखेत ब्लॉक और द्वाराहाट के बग्वालीपोखर में लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझते। शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण मीलों दूर पारंपरिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि ताड़ीखेत गगास पेयजल पंपिंग योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कई गांवों में चार दिनों से पानी की परेशानी बनी हुई है। हालांकि लाइन ठीक कर दी गई है, लेकिन पांडेकोटा, बित्थड़, सौंखला, चमोली, पथुली, सिमोली आदि क्षेत्रों में लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोग दूर दराज के पेयजल स्रोतों पर निर्भर हैं।
जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइन ठीक हो गई है। पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पाने के कारण इन गांवों में पानी की परेशानी बनी हुई है। उधर, द्वाराहाट के बग्वालीपोखर पंपिंग योजना में आए दिन की खराबी के कारण लोग परेशान हैं। आरोप है कि कोई भी अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों का फोन उठाना तक मुनासिब नही समझा जाता। बग्वालीपोखर पंपिंग योजना में तकनीकी रूप से कमजोर ऑपरेटरों द्वारा पंप चलाया जाता है। इससे ग्राम मेल्टा, भंडरगांव, सकुनी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यह तीनों गांव सडक से बहुत दूर हैं। आए दिन अधिकारियों से शिकायत की जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने पानी के असमान वितरण का भी आरोप लगाया। कहा कि निर्धारित समय पर पानी नही मिलता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बग्वालीपोखर पंप हाउस में जब दो पंप रखे हैं तो एक के खराब होने पर दूसरे से काम चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि ताड़ीखेत गगास पेयजल पंपिंग योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कई गांवों में चार दिनों से पानी की परेशानी बनी हुई है। हालांकि लाइन ठीक कर दी गई है, लेकिन पांडेकोटा, बित्थड़, सौंखला, चमोली, पथुली, सिमोली आदि क्षेत्रों में लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोग दूर दराज के पेयजल स्रोतों पर निर्भर हैं।
विज्ञापन
जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइन ठीक हो गई है। पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पाने के कारण इन गांवों में पानी की परेशानी बनी हुई है। उधर, द्वाराहाट के बग्वालीपोखर पंपिंग योजना में आए दिन की खराबी के कारण लोग परेशान हैं। आरोप है कि कोई भी अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों का फोन उठाना तक मुनासिब नही समझा जाता। बग्वालीपोखर पंपिंग योजना में तकनीकी रूप से कमजोर ऑपरेटरों द्वारा पंप चलाया जाता है। इससे ग्राम मेल्टा, भंडरगांव, सकुनी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यह तीनों गांव सडक से बहुत दूर हैं। आए दिन अधिकारियों से शिकायत की जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने पानी के असमान वितरण का भी आरोप लगाया। कहा कि निर्धारित समय पर पानी नही मिलता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बग्वालीपोखर पंप हाउस में जब दो पंप रखे हैं तो एक के खराब होने पर दूसरे से काम चलाया जा सकता है।