{"_id":"5e2f20518ebc3e7d586bb92a","slug":"villagers-angry-over-not-building-road-ranikhet-news-hld3711540165","type":"story","status":"publish","title_hn":"पस्तौड़ावार सड़क नहीं बनने से भड़के ग्रामीण, नारेबाजी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पस्तौड़ावार सड़क नहीं बनने से भड़के ग्रामीण, नारेबाजी की
विज्ञापन
सड़क के लिए नारेबाजी करते पस्तौड़ावार के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक के सुदूरवर्ती पस्तौड़ावार गांव के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बता दें कि मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व में विधानसभा और पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी किया था। शासन-प्रशासन के आश्वासन पूरे नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने बैठक कर नारेबाजी की और आंदोलन की चेतावनी दी।
पस्तौड़ावार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को चार किमी की पैदल चढ़ाई चढ़कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इसी कारण ग्रामीणों ने बीते विधानसभा और पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी किया था।
इधर ग्रामीणों ने सोमवार को बैठक कर सड़क निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की। कहा कि सड़क स्वीकृत है, लेकिन शासन और सरकार की तरफ से अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। जिस कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
तय हुआ कि एक माह के भीतर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंदन बिष्ट, कुंदन बिष्ट, बालम सिंह रावत, त्रिलोक सिंह, विरेंद्र सिंह, भगवीत रावत, दुर्गा देवी, कमला देवी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
पस्तौड़ावार गांव को सड़क से जोड़ने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को चार किमी की पैदल चढ़ाई चढ़कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इसी कारण ग्रामीणों ने बीते विधानसभा और पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी किया था।
विज्ञापन
इधर ग्रामीणों ने सोमवार को बैठक कर सड़क निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की। कहा कि सड़क स्वीकृत है, लेकिन शासन और सरकार की तरफ से अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। जिस कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
तय हुआ कि एक माह के भीतर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंदन बिष्ट, कुंदन बिष्ट, बालम सिंह रावत, त्रिलोक सिंह, विरेंद्र सिंह, भगवीत रावत, दुर्गा देवी, कमला देवी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।