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उर्स समारोह में कव्वालियों पर झूमे दर्शक
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 12 May 2018 10:25 PM IST
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कव्वाली पेश करते कव्वाल।
- फोटो : अमर उजाला
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हजरत कालू सैय्यद बाबा की मजार पर उर्स में विगत शाम बाहर से आए कव्वालों ने समा बांध दिया। तेरी रहमतों का दरिया सरे आम चल रहा है... कव्वाली पर दर्शक जमकर थिरके। देर रात तक कव्वालियों की महफिल जमी रही। बाबा की मजार पर शीश नवाने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आसपास मेले जैसा वातावरण बना हुआ है।
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शुक्रवार की रात रामपुर से पहुंचे कव्वाल सारिक चिश्ती सहित तमाम कव्वालों ने समा बांधा। कव्वालों ने बाबा की शान में जमकर कव्वालियां पेश कीं। तेरी रहमतों का दरिया सरे आम चल रहा है, मुझे भीख मिल रही है ख्वाजा से मेरा काम चल रहा है और तेरे रश्के कंवर जैसे कव्वालियों में दर्शक देर रात तक झूमते रहे। इससे पूर्व मजार पर चादरें चढ़ने का सिलसिला जारी रहा। समारोह में मुस्लिम समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के लोग भी बढ़चढ़कर भाग ले रहे हैं। मजार परिसर में बाहर से आए व्यापारियों ने दुकानें सजाई हैं। महिलाएं जमकर खरीदारी कर रही हैं। झूले, चरखों को लेकर बच्चों में उत्साह बना हुआ है। मजार के खादिम मो. मोहसिन ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया है।
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