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बेढुली में गोशाले में भड़की आग, एक गाय जिंदा जली
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:30 AM IST
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बेढ़ली गांव में धूं धूं कर जलते घास के लूटे।
- फोटो : अमर उजाला
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तपन बढ़ने के साथ ही आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। सोमवार अपराह्न यहां बेढुली गांव में गोशाले में अचानक आग लगने से एक गाय जिंदा जल गई, जबकि एक अन्य गाय को बचा लिया गया। 10 लूटे भी अग्निकांड की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों की सक्रियता से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार अपराह्न साढ़े चार बजे यहां बेढुली निवासी नारायण सिंह पुत्र जोधा सिंह के गोशाले में अचानक आग भड़क उठी। गोशाले में दो गायें बधी थीं, इनमें से एक गाय जिंदा जल गई, आवाज सुनकर भवन स्वामी बाहर आए तो आग देखकर उनके होश उड़ गए। गोशाला आवासीय भवन के सटा हुआ है।
आनन-फानन में ग्रामीण भी वहां पहुंचे। गोशाले के अंदर गए तो एक गाय जिंदा जल चुकी थी, जबकि दूसरी गाय को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। गोशाले के पास ही उनके 10 घास के लूटे भी थे, आग की चपेट में आने से सभी लूटे राख हो गए। ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया। प्रधान महेश पंत ने बताया कि ग्रामीणों की सक्रियता के चलते बड़ा अग्निकांड टल गया। पास ही ग्रामीणों की भवन भी थे। कुछ देर और हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार अपराह्न साढ़े चार बजे यहां बेढुली निवासी नारायण सिंह पुत्र जोधा सिंह के गोशाले में अचानक आग भड़क उठी। गोशाले में दो गायें बधी थीं, इनमें से एक गाय जिंदा जल गई, आवाज सुनकर भवन स्वामी बाहर आए तो आग देखकर उनके होश उड़ गए। गोशाला आवासीय भवन के सटा हुआ है।
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आनन-फानन में ग्रामीण भी वहां पहुंचे। गोशाले के अंदर गए तो एक गाय जिंदा जल चुकी थी, जबकि दूसरी गाय को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। गोशाले के पास ही उनके 10 घास के लूटे भी थे, आग की चपेट में आने से सभी लूटे राख हो गए। ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद बमुश्किल आग पर काबू पाया। प्रधान महेश पंत ने बताया कि ग्रामीणों की सक्रियता के चलते बड़ा अग्निकांड टल गया। पास ही ग्रामीणों की भवन भी थे। कुछ देर और हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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