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दो भाइयों को गलत केस दर्ज करने का दोषी पाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Thu, 27 Aug 2015 12:23 AM IST
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गलत वाद दायर करने के मामले में सिविल जज (जूडि) अशोक कुमार ने लाला बाजार निवासी दो भाइयों को पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में एक महिला को अदा करने के आदेश दिए हैं।
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लाला बाजार निवासी नजर अली और अफसर अली पुत्र अमीर अली के पूर्वजों ने अपनी संपत्ति वक्फ बोर्ड को दान कर रखी थी।
वक्फ बोर्ड ने लाला बाजार निवासी निम्मी परवीन को संपत्ति की देखरेख सौंपी थी। नजर अली और अफसर अली ने संपत्ति पर अपना दावा कर न्यायालय में निम्मी परवीन के खिलाफ वाद दायर किया।
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यह मामला सिविल जज (जूडि) के न्यायालय में चला। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, तथ्यों, परिस्थितियों, मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद पाया कि यह गलत दावा खारिज होने योग्य है।
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न्यायालय ने दोनों भाइयों को गलत दावा करने के अलावा आर्थिक, सामाजिक और मानसिक क्षति पहुंचाने का दोषी पाया।
न्यायालय ने वादी नजर अली और अफसर अली को धारा 35 (ए) में पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में प्रतिवादी महिला को देने के आदेश दिए हैं।