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Almora News: शौर्य चक्र विजेता शहीद चंदन सिंह को दी श्रद्धांजलि
Tue, 19 Mar 2024 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:28 PM IST
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द्वाराहाट(अल्मोड़ा)। बग्वालीपोखर के भंडरगांव निवासी शौर्य चक्र विजेता शहीद चंदन सिंह भंडारी की 27 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनकी माता शांति देवी की ओर से स्थापित उनकी प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए गए। केआरसी रानीखेत के ले. कर्नल प्रकाश सिंह ने कहा कि युवाओं को शहीद के शौर्य से प्रेरणा लेनी चाहिए।
मंगलवार को पुण्यतिथि पर शहीद चंदन सिंह भंडारी को सैन्य अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान उनकी माता शांति देवी, केआरसी के ले. कर्नल प्रकाश सिंह, सूबेदार मेजर हरी किशन ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। केआरसी के जवानों ने देशभक्ति गीतों पर बैंड का वादन किया। ले. कर्नल प्रकाश सिंह ने कहा कि सेना का हर जवान देश की रक्षा के लिए तत्पर है। शहीद चंदन ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत को देश हमेशा याद करेगा। इस मौके पर शहीद के बड़े भाई रमेश सिंह भंडारी, जानकी देवी, कुंदन सिंह भंडारी, हेमा देवी, जशोद सिंह समेत पूर्व सैनिक मौजूद रहे। संवाद
सीमा पर दिया था अदम्य साहस का परिचय
द्वाराहाट। शहीद चंदन सिंह भंडारी का जन्म 10 जनवरी 1976 को भंडरगांव के एक साधारण परिवार में हुआ था। वह 17 अप्रैल 1996 को कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए। कुपवाड़ा में तैनाती के दौरान उन्हें सीमा पर सर्च ऑपरेशन का जिम्मा दिया गया था। इसी दौरान एक घर में छिपे आतंकवादियों के साथ उनका सामना हो गया। उन्होंने अपने अदम्य साहस से कुछ आतंकियों को मार गिराया। इसी मुठभेड़ में उन्हें गोली लग गई और 19 मार्च 1997 को वह शहीद हो गए। उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया गया। संवाद
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मंगलवार को पुण्यतिथि पर शहीद चंदन सिंह भंडारी को सैन्य अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस दौरान उनकी माता शांति देवी, केआरसी के ले. कर्नल प्रकाश सिंह, सूबेदार मेजर हरी किशन ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। केआरसी के जवानों ने देशभक्ति गीतों पर बैंड का वादन किया। ले. कर्नल प्रकाश सिंह ने कहा कि सेना का हर जवान देश की रक्षा के लिए तत्पर है। शहीद चंदन ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत को देश हमेशा याद करेगा। इस मौके पर शहीद के बड़े भाई रमेश सिंह भंडारी, जानकी देवी, कुंदन सिंह भंडारी, हेमा देवी, जशोद सिंह समेत पूर्व सैनिक मौजूद रहे। संवाद
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सीमा पर दिया था अदम्य साहस का परिचय
द्वाराहाट। शहीद चंदन सिंह भंडारी का जन्म 10 जनवरी 1976 को भंडरगांव के एक साधारण परिवार में हुआ था। वह 17 अप्रैल 1996 को कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए। कुपवाड़ा में तैनाती के दौरान उन्हें सीमा पर सर्च ऑपरेशन का जिम्मा दिया गया था। इसी दौरान एक घर में छिपे आतंकवादियों के साथ उनका सामना हो गया। उन्होंने अपने अदम्य साहस से कुछ आतंकियों को मार गिराया। इसी मुठभेड़ में उन्हें गोली लग गई और 19 मार्च 1997 को वह शहीद हो गए। उनके अदम्य साहस के लिए उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया गया। संवाद
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