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Almora News: मर्चूला-चिमटाखाल हाईवे पर तीन घंटे थमा यातायात, फंसे सैकड़ों यात्री
Tue, 25 Aug 2026 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:45 PM IST
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मर्चूला-चिमटाखाल सड़क पर आया मलबा।
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के चिमटाखाल क्षेत्र में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान उफनते गधेरे के साथ आए बड़े बोल्डर, मिट्टी, गारा और मलबे से एनएच-309 पर करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। मर्चूला-चिमटाखाल के बीच सड़क पर मलबा जमा होने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बस, ट्रक, डंपर, कार और दोपहिया वाहनों समेत सैकड़ों यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
दोपहर करीब ढाई बजे मार्ग बंद होने की सूचना पर आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी को गर्जिया से मौके के लिए रवाना किया गया, लेकिन मशीन के पहुंचने में देरी के कारण यात्रियों का इंतजार बढ़ता गया। इस बीच यात्रियों और ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया। लोगों ने हाथों से मिट्टी, गारा और छोटे मलबे को हटाकर छोटे वाहनों के निकलने लायक रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक मात्रा में मलबा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही मर्चूला पुलिस चेकपोस्ट पर तैनात हेड कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार और कांस्टेबल अमरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए। दोनों ने जाम में फंसे यात्रियों की मदद की और यातायात व्यवस्था संभाली। करीब पौने पांच बजे जेसीबी मौके पर पहुंची जिसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम साढ़े पांच बजे के आसपास हाईवे पर यातायात सुचारु हो सका।
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जेसीबी पहुंचने में देरी से मुसीबत
बरसात के दौरान मोहान से मर्चूला-चिमटाखाल के बीच आए दिन मलबा आने से सड़क बाधित होने और जेसीबी के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आपदा राहत कार्यों के लिए तैनात जेसीबी गर्जिया में होने के कारण उसे घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इसका खामियाजा यात्रियों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसकर भुगतना पड़ता है।
यात्रियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी का सेंटर गर्जिया के बजाय मोहान या मर्चूला में बनाया जाए, ताकि सड़क बाधित होने की स्थिति में मशीन तत्काल मौके पर पहुंच सके। लोगों का कहना है कि पहाड़ में आपदा के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में राहत मशीन का घटनास्थल से दूर तैनात होना आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
एनएच-309 के सहायक अभियंता मौ. तहसीन ने बताया कि सड़क पर मलबा आने की सूचना मिलते ही आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी को गर्जिया से मौके के लिए रवाना कर दिया गया था। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। जेसीबी का सेंटर मोहान में स्थापित करने के लिए प्रयास जारी हैं, ताकि भविष्य में आपदा की स्थिति में राहत कार्य और अधिक तेजी से किए जा सकें।
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दोपहर करीब ढाई बजे मार्ग बंद होने की सूचना पर आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी को गर्जिया से मौके के लिए रवाना किया गया, लेकिन मशीन के पहुंचने में देरी के कारण यात्रियों का इंतजार बढ़ता गया। इस बीच यात्रियों और ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया। लोगों ने हाथों से मिट्टी, गारा और छोटे मलबे को हटाकर छोटे वाहनों के निकलने लायक रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक मात्रा में मलबा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
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मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही मर्चूला पुलिस चेकपोस्ट पर तैनात हेड कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार और कांस्टेबल अमरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए। दोनों ने जाम में फंसे यात्रियों की मदद की और यातायात व्यवस्था संभाली। करीब पौने पांच बजे जेसीबी मौके पर पहुंची जिसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम साढ़े पांच बजे के आसपास हाईवे पर यातायात सुचारु हो सका।
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जेसीबी पहुंचने में देरी से मुसीबत
बरसात के दौरान मोहान से मर्चूला-चिमटाखाल के बीच आए दिन मलबा आने से सड़क बाधित होने और जेसीबी के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आपदा राहत कार्यों के लिए तैनात जेसीबी गर्जिया में होने के कारण उसे घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इसका खामियाजा यात्रियों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसकर भुगतना पड़ता है।
यात्रियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी का सेंटर गर्जिया के बजाय मोहान या मर्चूला में बनाया जाए, ताकि सड़क बाधित होने की स्थिति में मशीन तत्काल मौके पर पहुंच सके। लोगों का कहना है कि पहाड़ में आपदा के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में राहत मशीन का घटनास्थल से दूर तैनात होना आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
एनएच-309 के सहायक अभियंता मौ. तहसीन ने बताया कि सड़क पर मलबा आने की सूचना मिलते ही आपदा राहत कार्यों में तैनात जेसीबी को गर्जिया से मौके के लिए रवाना कर दिया गया था। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। जेसीबी का सेंटर मोहान में स्थापित करने के लिए प्रयास जारी हैं, ताकि भविष्य में आपदा की स्थिति में राहत कार्य और अधिक तेजी से किए जा सकें।