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Almora News: व्यापारियों ने रखी उम्मीदें और जताई निराशा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शिव मंदिर परिसर में प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को बजट परिचर्चा किया। स्थानीय व्यापारी शामिल हुए। केंद्र सरकार के बजट पर अपने-अपने विचार रखे।
परिचर्चा के दौरान व्यापारियों ने कहा कि बजट में छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए कुछ सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, लेकिन महंगाई, जीएसटी की जटिलताओं और बढ़ती लागत को लेकर अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई। व्यापारियों का कहना था कि यदि कर प्रणाली को और सरल बनाया जाए तो व्यापार को गति मिल सकती है।
जिलाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही गई है, जो आने वाले समय में लाभकारी साबित हो सकती है। इस दौरान कई व्यापारियों ने अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, पर्यटन आधारित व्यापार के लिए विशेष योजनाएं लाने और छोटे व्यापारियों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। परिचर्चा के अंत में सभी व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया और भविष्य में इस तरह के संवाद कार्यक्रम जारी रखने पर सहमति जताई। इस दौरान प्रताप सिंह महरा, जगदीश अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, भुवन पपनै, हेम भगत, रामेश्वर गोयल, हर्षवर्धन पंत, आनंद अग्रवाल, गणेश जोशी, दर्शन महरा आदि मौजूद थे।
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परिचर्चा के दौरान व्यापारियों ने कहा कि बजट में छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए कुछ सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, लेकिन महंगाई, जीएसटी की जटिलताओं और बढ़ती लागत को लेकर अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई। व्यापारियों का कहना था कि यदि कर प्रणाली को और सरल बनाया जाए तो व्यापार को गति मिल सकती है।
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जिलाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही गई है, जो आने वाले समय में लाभकारी साबित हो सकती है। इस दौरान कई व्यापारियों ने अपने सुझाव भी रखे। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, पर्यटन आधारित व्यापार के लिए विशेष योजनाएं लाने और छोटे व्यापारियों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। परिचर्चा के अंत में सभी व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया और भविष्य में इस तरह के संवाद कार्यक्रम जारी रखने पर सहमति जताई। इस दौरान प्रताप सिंह महरा, जगदीश अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, भुवन पपनै, हेम भगत, रामेश्वर गोयल, हर्षवर्धन पंत, आनंद अग्रवाल, गणेश जोशी, दर्शन महरा आदि मौजूद थे।
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