भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली और नव जीवन सोसायटी अल्मोड़ा के की ओर से उत्तराखंड के गीतों शगुन आखर पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में स्थानीय महिला और स्कूली बच्चे भागीदारी कर रहे हैं।
बुधवार को नगर के नर सिंह बैंकटहाल में गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्था संगीत नाटक अकादमी की प्रशिक्षक लता कुंजवाल और मीनू जोशी ने पहले दिन नामकरण, अन्नप्राशन और जनेऊ संस्कार के समय गाए जाने वाले संस्कार गीत जय जय गणपति शुभजय है जये, सिद्धी करता विघ्न हरता, शगुनादे शगुनादे आजए मंगल गीतों को वाद्य यंत्रों के साथ गाया। शगुन आखर के विशेषज्ञ जुगल किशोर पेटशाली ने कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यशाला दो सत्रों में आयोजित की जा रही है। हारमोनियम पर कंचन तिवारी, तबले पर कुंदन सिंह रावत संगत दे रहे हैं। इस मौके पर उपसचिव प्रालेखन जोजफ डी राज, सलाहकार लोक और जनजातीय विवाह मनीष ममगाईं, नव जीवन सोसायटी के अध्यक्ष किशन सिंह बिष्ट, जुगल किशोर पेटशाली, लता कुंजवाल, मीनू जोशी, धीरेंद्र बिष्ट, दरवान सिंह बिष्ट, दीपा पालीवाल, मीना उप्रेती आदि मौजूद थे।