फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   The swearing-in of many village heads is incomplete, and development work in the villages has stalled.

Almora News: कई प्रधानों का शपथ ग्रहण अधूरा, गांवों में ठप विकास कार्य

Sun, 21 Sep 2025 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sun, 21 Sep 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
The swearing-in of many village heads is incomplete, and development work in the villages has stalled.
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पंचायत चुनाव परिणाम घोषित हुए दो महीने होने को हैं लेकिन कई गांवों की छोटी सरकार अब तक पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाई है। वजह है प्रधानों का शपथ ग्रहण अधूरा रहना।
विज्ञापन

ताड़ीखेत ब्लॉक की तस्वीर देखें तो यहां कुल 130 ग्राम प्रधानों में से केवल 18 ही शपथ ले पाए हैं जबकि 112 प्रधान अभी भी इंतजार में हैं। जिले के अन्य विकासखंडों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है।
विज्ञापन

ताकुला के 89 में से सिर्फ 13, भैसियाछाना के 53 में से 9, चौखुटिया के 95 में से 20, हवालबाग के 126 में से 36, सल्ट के 138 में से 38, भिकियासैंण के 99 में से 27, स्याल्दे के 95 में से 12, धौलादेवी के 110 में से 28, लमगड़ा के 103 में से 16 और द्वाराहाट के 122 में से केवल 18 प्रधान शपथ ग्रहण कर पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानों का शपथ ग्रहण नहीं होने से गांवों के विकास कार्य अटक गए हैं। बुनियादी जरूरतों के फैसले ग्राम प्रधानों की अनुमति से ही संभव होते हैं। यही नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रधानों के बिना गांव तक नहीं पहुंच पा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो विकास की रफ्तार थम जाएगी और उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रधानों को शपथ दिलाई जाएगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब तक प्रधान शपथ ग्रहण करेंगे और गांव की छोटी सरकार अपने असली रूप में सक्रिय होकर विकास की गाड़ी को पटरी पर लाएगी।
क्यों हो रही है देरी
जानकारों के मुताबिक, ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण तभी हो सकता है जब ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा हो जाए। कई जगहों पर अब तक पंचायत सदस्यों ने शपथ नहीं ली है जिस कारण प्रधान भी शपथ से वंचित हैं। नियम के अनुसार, बिना पंचायत सदस्यों के कोरम के प्रधानों की शपथ अधूरी मानी जाएगी। यही वजह है कि प्रधानों को मजबूरी में इंतजार करना पड़ रहा है।

कामकाज पर असर
प्रधानों का शपथ ग्रहण अधूरा रहने से गांवों के विकास कार्य ठप पड़े हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन, निर्माण कार्य, सफाई व्यवस्था, पानी-बिजली से जुड़े फैसले और लाभार्थियों का चयन सब कुछ अटका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान ही गांव के विकास की रीढ़ होते हैं, ऐसे में उनके बिना छोटी सरकार अधूरी है।

ग्राम प्रधान की जिम्मेदारियां
- ग्राम सभा और पंचायत की बैठक बुलाना
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
- सड़क, पानी, बिजली व सफाई व्यवस्था
- प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाएं
- फंड का प्रबंधन व खर्च की निगरानी
- छोटे विवादों का निपटारा
- आपदा राहत और बचाव कार्य
- गांव का प्रतिनिधित्व उच्च अधिकारियों के सामने
कोट -
ग्राम सभा में आवश्यक सदस्यों का कोरम पूरा न होने के कारण जिले के कई प्रधानों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न नहीं हो सका। शीघ्र ही इस संबंध में कार्यवाही कर नई तिथि घोषित की जाएगी। - राजेंद्र कुमार गुंज्याल, जिला पंचायत राज अधिकारी, अल्मोड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed