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Almora News: बिना नियम चल रही ई-फार्मेसी के विरोध में आज थमेगा दवा कारोबार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 10:41 PM IST
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The pharmaceutical business will be halted today in protest against the illegal e-pharmacy.
अल्मोड़ा। ऑनलाइन दवाओं (ई-फार्मेसी) की बिक्री के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस न होने से जिले का दवा व्यवसाय पूरी तरह चरमरा गया है। डिजिटल बाजार से मिल रही असमान चुनौतियों के कारण जिले के 300 दवा कारोबारियों की कमाई पर भारी चोट पहुंची है जिसके चलते कई लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। इस गंभीर आर्थिक संकट और सरकार की बेरुखी के विरोध में 20 मई को जिले की सभी दवा दुकानें बंद रखकर व्यापारी अपना विरोध जताएंगे।
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ऑनलाइन दवाओं की बिक्री में स्वास्थ्य के साथ भारी खिलवाड़ हो रहा है। ई फार्मेसी में नशीली दवाओं का कारोबार बढ़ता जा रहा है। यहां आसानी से अबॉर्शन और नींद की गोलियां उपलब्ध हो जाती हैं। ऑफलाइन में दवा व्यवसायी दुकानों पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत दवाओं की बिक्री करते हैं।
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इसमें डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन देखा जाता है और वेरिफाई किया जाता है। बहुत अधिक एक बार में दवा नहीं दी जाती है और अधिकतम एक महीने का ही डोज दिया जाता है पर ई फार्मेसी में ऐसा नहीं होता है।
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दवा व्यवसायियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी हो या ऑफलाइन फार्मेसी सभी के लिए नियम एक समान होने चाहिए। ई फार्मेसी से लोग बेवजह एंटीबायोटिक खरीद कर खा रहे हैं जो उनके शरीर की रेजिस्टविटी को कमजोर कर रहा है।
ऑफलाइन में दवा विक्रेता पूछते हैं कि उन्हें किस लिए एंटीबायोटिक की जरूरत है। अधिकांश बार लोगों को वह एंटीबायोटिक नहीं देते हैं। ऑफलाइन फार्मेसी में अलग-अलग दवा के लिए कोल्ड चेन मेंटेन किया जाता है लेकिन ई फार्मेसी में दवा का कोल्ड चेन ब्रेक हो जाता है। इससे दवा का असर खत्म हो जाता है।
ई फार्मेसी में 50 फीसदी तक का डिस्काउंट मिल जाता है जबकि फार्मेसी सेक्टर में रिटेलर को 20 फीसदी और होलसेलर को 10 फीसदी मार्जिन मिलता है। इसमें दुकान के रख-रखाव और स्टाफ के खर्चे से लेकर सब कुछ होता है।
अखिल भारतीय संस्था ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने 20 मई को प्रदेश में बंद का ऐलान किया है। बंदी के चलते मरीजों ने मंगलवार को ही जरूरी दवाएं खरीद ली। मेडिकल स्टोरों में मरीजों की भीड़ रही।


बोले दवा कारोबारी

सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द ई फार्मेसी के लिए स्पष्ट नियम बनाए ताकि नारकोटिक्स श्रेणी की दवाइयां लोगों की आसानी से पहुंच से बाहर हो। ई फार्मेसी बंद होनी चाहिए या फिर ऑफलाइन फार्मेसी की तरह ही उसके लिए समान नियम होने चाहिए। बंद के दौरान आकस्मिक सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। इसके लिए स्वास्थ्य व प्रशासन को विभिन्न मेडिकल स्टोरों के मोबाइल नंबर मुहैया करा दिए गए हैं।



-बीएस मनकोटी, प्रदेश अध्यक्ष उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ

ई फार्मेसी के कारण अवैध और नकली दवाओं का कारोबार बढ़ रहा है। डिस्काउंट में नकली दवाइयां बेची जा रही हैं, जो लोगों के शरीर को नुकसान पहुंचा रही हैं। ई फार्मेसी से लोगों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पष्ट कानून के कारण कई सामाजिक चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। ई फार्मेसी में सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।


-आशीष वर्मा, अध्यक्ष केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, अल्मोड़ा




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