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टेस्टी बटन मशरूम खानी है तो यहां आइए.....
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मनोज द्वारा उगाई गई बटन मशरूम।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। राजनीति शास्त्र से एमए करने के बाद नौकरी की तलाश की। जब कहीं मौका नहीं मिला तो किसानी का काम करने की ठान ली। 2016 में अपने गांव में आयस्टर मशरूम उत्पादन करना शुरू कर दिया। पैसा आने लगा तो काम की चाहत और बढ़ी। इस साल इस युवा ने बटन मशरूम भी उगानी शुरू कर दी है। अपने क्षेत्र में मशरूम उत्पादन करने वाले अकेले युवा हैं। मशरूम में अच्छी आय देख अब ग्रामीण और युवा भी उनसे ट्रेनिंग लेने लगे हैं। लमगड़ा के ठाठ गांव का युवक मनोज अब युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गया है।
ठाठ गांव में पुराना पैतृक घर 27 वर्षीय मनोज बिष्ट की आय का जरिया बन गया है। शुरू में मनोज ने विटामिन डी से भरपूर आयस्टर मशरूम उगानी शुरू की। उत्पादन हुआ तो मशरूम बाजार में बेचना शुरू कर दिया। मशरूम से आय होने लगी तो बटन मशरूम भी उगानी शुरू कर दी। जो कि विटामिन, फाइबर और प्रोटीन युक्त है। पहाड़पानी में एक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत बिशन सिंह के पुत्र मनोज मशरूम उत्पादन से प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये कमा लेते हैं। मनोज ने इंडिया मार्ट में ऑनलाइन व्यापार भी शुरू कर दिया है और ऑनलाइन डिमांड भी आने लगी है। मनोज ने बताया कि अभी तक वह एनजीओ के बुलावे पर ग्रामीणों को ट्रेनिंग देते थे। जल्द ही वह अपने क्षेत्र में पढ़े लिखे युवाओं के लिए भी ट्रेनिंग शुरू करेंगे और उनको आत्मनिर्भर बनाएंगे।
मशरूम का उत्पादन और समय
अल्मोड़ा। बटन मशरूम के लिए कम तापमान चाहिए और इसका उत्पादन समय सितंबर से मार्च तक रहता है। बटन का उत्पादन कंपोस्ट से होता है और एक क्विंटल कंपोस्ट में 25 से 30 किलो उत्पादन हो जाता है। वहीं आयस्टर मशरूम के लिए अधिक तापमान चाहिए। इसकी फसल अप्रैल से सितंबर तक होती है। आयस्टर का उत्पादन भूसे में होता है। और एक क्विंटल भूसे में करीब 50-55 क्विंटल आयस्टर मशरूम का उत्पादन हो जाता है। बटन मशरूम बाजार में 130 से 140 रुपये किलो और आयस्टर 105 से 110 रुपये प्रति किलो बिकती है।
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ठाठ गांव में पुराना पैतृक घर 27 वर्षीय मनोज बिष्ट की आय का जरिया बन गया है। शुरू में मनोज ने विटामिन डी से भरपूर आयस्टर मशरूम उगानी शुरू की। उत्पादन हुआ तो मशरूम बाजार में बेचना शुरू कर दिया। मशरूम से आय होने लगी तो बटन मशरूम भी उगानी शुरू कर दी। जो कि विटामिन, फाइबर और प्रोटीन युक्त है। पहाड़पानी में एक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत बिशन सिंह के पुत्र मनोज मशरूम उत्पादन से प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये कमा लेते हैं। मनोज ने इंडिया मार्ट में ऑनलाइन व्यापार भी शुरू कर दिया है और ऑनलाइन डिमांड भी आने लगी है। मनोज ने बताया कि अभी तक वह एनजीओ के बुलावे पर ग्रामीणों को ट्रेनिंग देते थे। जल्द ही वह अपने क्षेत्र में पढ़े लिखे युवाओं के लिए भी ट्रेनिंग शुरू करेंगे और उनको आत्मनिर्भर बनाएंगे।
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मशरूम का उत्पादन और समय
अल्मोड़ा। बटन मशरूम के लिए कम तापमान चाहिए और इसका उत्पादन समय सितंबर से मार्च तक रहता है। बटन का उत्पादन कंपोस्ट से होता है और एक क्विंटल कंपोस्ट में 25 से 30 किलो उत्पादन हो जाता है। वहीं आयस्टर मशरूम के लिए अधिक तापमान चाहिए। इसकी फसल अप्रैल से सितंबर तक होती है। आयस्टर का उत्पादन भूसे में होता है। और एक क्विंटल भूसे में करीब 50-55 क्विंटल आयस्टर मशरूम का उत्पादन हो जाता है। बटन मशरूम बाजार में 130 से 140 रुपये किलो और आयस्टर 105 से 110 रुपये प्रति किलो बिकती है।
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