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धार्मिक पर्यटन विकास के सरकारी दावे खोखले
ब्यूूराे, अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 08 Sep 2015 12:06 AM IST
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अलग उत्तराखंड बनने के बाद राज्य सरकारों ने धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने के लिए काफी दावे किए, लेकिन सरकारों और जनप्रतिनिधियों के दावे डेढ़ दशक बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
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जिला मुख्यालय से करीब तीस किमी दूर बानड़ी देवी शक्ति पीठ मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां धार्मिक पर्यटन की काफी संभावनाओं के बावजूद कोई कार्य नहीं हुए हैं। अल्मोड़ा से बानड़ी देवी तक रोप-वे बनाने के प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
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अल्मोड़ा-शहरफाटक मार्ग में पौधार के समीप प्राचीन बानड़ी देवी मंदिर स्थित है। पौधार से करीब 700 मीटर पैदल चलकर बानड़ी देवी मंदिर पहुंचा जाता है।
बांज के जंगल से घिरा यह प्रसिद्ध मंदिर आस्था के साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। वैशाख, सावन और नवरात्र में यहां धार्मिक आयोजन होते हैं।
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लमगड़ा विकासखंड के गांवों के अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत आदि क्षेत्रों से काफी संख्या में भक्तजन और पर्यटक वर्षभर यहां पहुंचते हैं।
ऊंची पहाड़ी पर स्थित बानड़ी देवी मंदिर से हिमालय की चोटियां के अलावा अन्य पहाड़ियों का आकर्षक नजारा दिखता है, लेकिन इस क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन से जोड़ने के लिए आज तक कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं।
पर्यटन विभाग की अल्मोड़ा से बानड़ी देवी तक रोप-वे बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है। विभाग द्वारा इस संबंध में शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक अमल नहीं हुआ है।