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Almora News: जीआईसी के 200 से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
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अल्मोड़ा। जिले के धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत जीआईसी नैनीचौगर्खा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को न तो विज्ञान का ज्ञान मिल रहा है और न ही गणित का। शिक्षकों के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है।
जीआईसी नैनीचौगर्खा में प्रवक्ताओं के नौ पद सृजित है जिसके सापेक्ष सात पद रिक्त हैं। एक तरफ हिंदी और विज्ञान को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में विद्यार्थियों को इन विषयों का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। जीआईसी में तीन साल से हिंदी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान विषय के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। इस विद्यालय में नैनीचौगर्खा समेत आसपास के इलाकों से इंजीनियर, डॉक्टर बनने का सपना लेकर 200 विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं लेकिन शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। हाईस्कूल और इंटर के बोर्ड परीक्षार्थियों को अधिक दिक्कत हो रही है। समय पर कोर्स पूरा करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
प्रधानाचार्य भी नही, प्रवक्ता के पास है प्रभार
अल्मोड़ा। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। प्रवक्ता को प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। ऐसे में पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। विभागीय कार्यों को निपटाने के चक्कर में वह कक्षाओं में समय नहीं दे पाते हैं जिससे सीधे तौर पर पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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मुख्य शिक्षाधिकारी अल्मोड़ा, अंबा दत्त बलोदी ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को भेजी गई है। नियुक्ति शासन से ही संभव है।
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जीआईसी नैनीचौगर्खा में प्रवक्ताओं के नौ पद सृजित है जिसके सापेक्ष सात पद रिक्त हैं। एक तरफ हिंदी और विज्ञान को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में विद्यार्थियों को इन विषयों का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। जीआईसी में तीन साल से हिंदी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान विषय के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। इस विद्यालय में नैनीचौगर्खा समेत आसपास के इलाकों से इंजीनियर, डॉक्टर बनने का सपना लेकर 200 विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं लेकिन शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। हाईस्कूल और इंटर के बोर्ड परीक्षार्थियों को अधिक दिक्कत हो रही है। समय पर कोर्स पूरा करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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प्रधानाचार्य भी नही, प्रवक्ता के पास है प्रभार
अल्मोड़ा। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। प्रवक्ता को प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। ऐसे में पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। विभागीय कार्यों को निपटाने के चक्कर में वह कक्षाओं में समय नहीं दे पाते हैं जिससे सीधे तौर पर पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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मुख्य शिक्षाधिकारी अल्मोड़ा, अंबा दत्त बलोदी ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को भेजी गई है। नियुक्ति शासन से ही संभव है।