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दस साल बाद भी नहीं बनी टम्टा धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 13 Jan 2017 10:48 PM IST
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इसी स्थान पर बननी है टम्टा धर्मशाला।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में कोई धर्मशाला नहीं है। इस कारण मुसाफिरों खासकर गरीब लोगों को महंगे होटलों में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ता है। पालिका के अलावा विधानसभा चुनाव में धर्मशाला प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा है, लेकिन धर्मशालाओं का निर्माण नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धर्मशाला निर्माण के लिए एक करोड़ और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने पचास लाख रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन यह धनराशि अब तक पालिका परिषद को नहीं मिली है। धर्मशाला निर्माण इस बार भी विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी मुद्दा रहेगा।
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शहर में पूर्व में मालरोड में हरि प्रसाद टम्टा और मिलन चौक के समीप लोकनाथ पंत धर्मशाला थी। जीर्ण-शीर्ण होने पर पालिका परिषद ने इन धर्मशालाओं को ध्वस्त कर दिया था, लेकिन करीब एक दशक बीतने को है, इन धर्मशालाओं का निर्माण नहीं हो सका है। इस कारण बाहर से आने वाले राहगीरों खासकर गरीब मुसाफिरों को रात बिताने को महंगे होटलों की शरण लेनी पड़ती है। सरकार ने करीब सात साल पहले लोकनाथ पंत धर्मशाला के पुनर्निर्माण के लिए 53 लाख और टम्टा धर्मशाला के निर्माण के लिए लगभग 36 लाख रुपए मंजूर किए। इनके लिए क्रमश: 40 लाख और 27 लाख रुपए अवमुक्त भी कर दिए गए थे।
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पालिका के अधिकारियों के मुताबिक पिछले बोर्ड ने यह धनराशि अन्य मदों में खर्च कर दिया। जिससे धर्मशाला नहीं बन सकी।
इसके बाद पिछले साल मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टम्टा धर्मशाला के लिए एक करोड़ और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने 50 लाख रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक शासन से बजट नहीं मिल सका है। पिछले दिनों विभिन्न संगठन टम्टा धर्मशला के निर्माण की मांग लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं। पर कांग्रेस शासनकाल में भी धर्मशाला का निर्माण नहीं हो सका है। जिससे इन संगठनों में रोष पनप रहा है।
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