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ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पा रहा ग्रामीण बच्चों को
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अल्मोड़ा। वीरांगना ग्राम पंचायत महिला प्रतिनिधि संगठन ताकुला ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर कहा है कि कोविड-19 में लॉकडाउन के कारण बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण उन्हें कई समस्याओं से जूझना पढ़ रहा है। संगठन ने इसको लेकर सीईओ से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
ज्ञापन में कहा है कि लॉकडाउन में बच्चों को घर पर रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों को मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई कराने की कोशिश शिक्षा विभाग और स्कूल कर रहे हैं पर कमजोर नेटवर्क, एंडरायड फोन के अभाव में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण ग्रामीण इलाकों में अधिकतर बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कई बच्चे गरीब परिवारों से हैं। अभिभावक मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। लॉकडाउन में वह बेरोजगारी के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में वह मोबाइल रिचार्ज करने में भी सक्षम नहीं हैं।
संगठन की सदस्यों का कहना है कि ताकुला विकासखंड के 51 ग्राम पंचायतों में सर्वे किया गया। जिसमें सरकारी स्कूलों के करीब 40 फीसदी प्राथमिक और तीस फीसदी कक्षा छह से बारहवीं तक के बच्चों के पास एंडरायड फोन नहीं हैं। वहीं मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान निगरानी के अभाव में कई बच्चे मोबाइल में गेम भी खेलते रहते हैं। संगठन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से बच्चों की पढ़ाई सुचारु करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर समाधान निकालने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन की अध्यक्ष कौशल्या बिष्ट, सचिव लीला देवी, दया देवी, देवकी देवी, भगवती देवी, पुष्पा बोरा, बसंत पांडे शामिल हैं।
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ज्ञापन में कहा है कि लॉकडाउन में बच्चों को घर पर रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों को मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई कराने की कोशिश शिक्षा विभाग और स्कूल कर रहे हैं पर कमजोर नेटवर्क, एंडरायड फोन के अभाव में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण ग्रामीण इलाकों में अधिकतर बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कई बच्चे गरीब परिवारों से हैं। अभिभावक मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। लॉकडाउन में वह बेरोजगारी के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में वह मोबाइल रिचार्ज करने में भी सक्षम नहीं हैं।
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संगठन की सदस्यों का कहना है कि ताकुला विकासखंड के 51 ग्राम पंचायतों में सर्वे किया गया। जिसमें सरकारी स्कूलों के करीब 40 फीसदी प्राथमिक और तीस फीसदी कक्षा छह से बारहवीं तक के बच्चों के पास एंडरायड फोन नहीं हैं। वहीं मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान निगरानी के अभाव में कई बच्चे मोबाइल में गेम भी खेलते रहते हैं। संगठन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से बच्चों की पढ़ाई सुचारु करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर समाधान निकालने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन की अध्यक्ष कौशल्या बिष्ट, सचिव लीला देवी, दया देवी, देवकी देवी, भगवती देवी, पुष्पा बोरा, बसंत पांडे शामिल हैं।
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