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रिस्कन नदी किनारे कोरोना शवदाह गृह किसी कीमत पर मंजूर नहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:04 AM IST
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Riskan Vally in Dwarahat
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। रिस्कन नदी में कोरोना शवदाह घाट बनाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। रिस्कन घाटी संघर्ष समिति का शिष्टमंडल कई अधिकारियों से वहां इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनाने की मांग कर चुका है।
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ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम आरके पांडेय को ज्ञापन दिया। इसमें रिस्कन नदी में प्रस्तावित कोराना घाट का विरोध किया गया। इससे पूर्व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, संघर्ष समिति ने क्षेत्रवासियों से संपर्क कर सुझाव लिए। सभी ने कहा कि इस स्थल पर कोरोना शवदाह गृह मंजूर नहीं होगा। अगर उसे इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनाया जाए तो कोई आपत्ति नहीं होगी। बताया कि नदी से सटे दर्जनभर से अधिक गांव इस नदी का पानी खेती, पशुपालन और घरेलू उपयोग के लिए करते हैं। इसी इस नदी से दर्जनों पेयजल योजनाएं बनीं हैं। इसी नदी किनारे कोरोना घाट बनने से उक्त क्षेत्र के हजारों लोग और पशु कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए रिस्कन में कोरोना शवदाह गृह बनाया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे। इस मामले में ग्रामीण पहले भी विरोध, प्रदर्शन कर तहसील से दो बार डीएम को ज्ञापन भेज चुके हैं। ज्ञापन देने वालों में रिस्कन घाटी संघर्ष समिति अध्यक्ष हरवंश बिष्ट, महामंत्री नवीन कांडपाल, कोषाध्यक्ष शेर सिंह, खलना क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश बुधानी, पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष महेश पंत आदि थे।
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