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पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई स्थगित करने की मांग
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:41 PM IST
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महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर जल विद्युत योजना में जन सुनवाई को लेकर माटू जन संगठन ने सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि जन सुनवाई पर्यावरण प्रभाव आकलन के लिए 14 सितंबर 2006 की अधिसूचना के नियमों को दरकिनार करके की जा रही है। जन सुनवाई का आदेश ग्रामीणों को एक माह पूर्व मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
संगठन ने जन सुनवाई को स्थगित करने की मांग की है। केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय को भेजे पत्र में संगठन ने कहा कि जन सुनवाई के तीनों ही स्थान बांध प्रभावित क्षेत्र से काफी दूर हैं। संगठन सदस्य विमल भाई ने आरोप लगाया कि बांध प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति निम्न स्तर पर है।
जबकि बांध और जन सुनवाई का मसौदा अंग्रेजी में बना है। ऐसे में ग्रामीण सही प्रतिक्रिया कैसे दे पाऐंगे। उन्होंने जन सुनवाई स्थगित करने की मांग करते हुए अगली सुनवाई के स्थल बांध प्रभावित क्षेत्रों में रखने, जन सुनवाई का समय मानसून के बाद रखने, बांध और जन सुनवाई से संबधित मसौदे को हिंदी में समझाने की मांग की है।
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बता दें कि प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के दायरे में अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के कई इलाके डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। चंपावत में नौ अगस्त, पिथौरागढ़ में 11 और अल्मोड़ा में 17 अगस्त को जन सुनवाई की जानी है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के मनोज मटवाल, सुरेंदर आर्य, ओंकार सिंह धोनी, रवि देव के अलावा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी शामिल हैं।
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संगठन ने जन सुनवाई को स्थगित करने की मांग की है। केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय को भेजे पत्र में संगठन ने कहा कि जन सुनवाई के तीनों ही स्थान बांध प्रभावित क्षेत्र से काफी दूर हैं। संगठन सदस्य विमल भाई ने आरोप लगाया कि बांध प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति निम्न स्तर पर है।
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जबकि बांध और जन सुनवाई का मसौदा अंग्रेजी में बना है। ऐसे में ग्रामीण सही प्रतिक्रिया कैसे दे पाऐंगे। उन्होंने जन सुनवाई स्थगित करने की मांग करते हुए अगली सुनवाई के स्थल बांध प्रभावित क्षेत्रों में रखने, जन सुनवाई का समय मानसून के बाद रखने, बांध और जन सुनवाई से संबधित मसौदे को हिंदी में समझाने की मांग की है।
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बता दें कि प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के दायरे में अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के कई इलाके डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। चंपावत में नौ अगस्त, पिथौरागढ़ में 11 और अल्मोड़ा में 17 अगस्त को जन सुनवाई की जानी है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के मनोज मटवाल, सुरेंदर आर्य, ओंकार सिंह धोनी, रवि देव के अलावा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी शामिल हैं।