फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Reforms in the Forest Act are anti-people

वन अधिनियम में हो रहे संशोधन हैं जन विरोधी

Sun, 16 Jun 2019 11:28 PM IST
दीपक नेगी बागेश्वर।
बागेश्वर। Published by: दीपक नेगी Updated Sun, 16 Jun 2019 11:28 PM IST
विज्ञापन
Reforms in the Forest Act are anti-people
बागेश्वर में आयोजित बैठक में मौजूद विभिन्न दलों के लोग। - फोटो : अमर उजाला
वन अधिनियम 1927 में संशोधन के खिलाफ वन पंचायतें, राजनीतिक व समाज सेवी संगठन मुखर हो गए हैं। सभी ने एक सुर में संशोधन का विरोध किया है। उन्होंने संशोधन को जनविरोधी करार दिया है।
विज्ञापन


रविवार को कॉलेज रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में वन अधिनियम संशोधन का कड़ा विरोध किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि वन अधिनियम 1927 में संशोधन कर वन अधिनियम 2019 लाने की तैयारी है। इस कानून के लिए राज्य सरकारों से सुझाव मांगे गए हैं। जुलाई तक यह कानून बन जाएगा। कहा कि यदि संशोधन हो जाता है तो आदिवासियों, वन वासियों, पहाड़, जंगलों में सदियों से रहने वाले समुदायों को जंगलों में मिले परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे। लोग वन भूमि में पालतू जानवरों को चराने, घास, सूखी जलौनी लकड़ी लाने, गिरी पत्ती, घर की लिपाई के लिए मिट्टी लाने नहीं जा पाएंगे।  उल्टे यह वन अपराध होंगे। ऐसा करते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। कहा कि इसी तरह वन अपराधों में 50 से 500 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर  10 हजार से 50 हजार रुपये कर दिया है। सजा भी छह माह कर दी गई है। संशोधन के बाद केंद्र या राज्य सरकार एक गजट नोटिफिकेशन कर जनता के संवैधानिक, परंपरागत कानूनों पर भी रोक लगा सकती है। 
विज्ञापन


बैठक में चंपावत, ऊधम सिंह नगर, कर्णप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, नई दिल्ली के विभिन्न संगठनों के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रास सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, रमेश चंद्र पांडे कृषक, जनकवि बल्ली सिंह चीमा, दान सिंह कठायत, बहादुर सिंह जंगी, पुष्कर सिंह, देवेंद्र पांडे, एडी पंत, बीएस बिष्ट, पलाश विश्वास, रुपेश सिंह, कैलाश चंदोला, इंद्रेश मैखुरी, चारु तिवारी, गिरिजा पाठक, डीके जोशी, ईश्वर जोशी, चंदन सिंह, मनीष, पूरन सिंह रावल, बीसी 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed