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Almora News: चिकित्सक अवकाश पर, मरीज दौड़े निजी अस्पताल
Mon, 25 Dec 2023 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 25 Dec 2023 11:48 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। जिला अस्पताल में एक साथ चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से व्यवस्थाएं बिगड़ गईं और मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। दांत, हड्डी, चर्म रोगियों के साथ बच्चों का उपचार ठप रहा और मरीजों को निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ी।
साप्ताहिक बंदी के बाद सोमवार को खुले जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। 10 बजे तक ही उपचार के लिए 110 से अधिक पर्ची कट गईं और मरीजों ने चिकित्सक कक्षों का रुख किया। दांत, चर्म, हड्डी रोग से जूझते हुए मरीज चिकित्सकों के कक्षों के ताले खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से उपचार पूरी तरह ठप रहा। बढ़ती ठंड के बीच सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित 40 से अधिक बच्चों को लेकर परिजन उपचार के लिए पहुंचे। यहां तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के भी अवकाश पर जाने से बच्चों को उपचार नसीब नहीं हुआ और परिजनों को उनके उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। कई मरीजों से सात किमी दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगाई तो कई बैरंग घर लौटे। संवाद
दोनों हड्डी रोग विशेषज्ञ के न होने से दिक्कत
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। सोमवार को एक साथ दोनों चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से मरीजों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। एक डॉक्टर भी न मिलने से 30 से अधिक मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा।
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चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से दिक्कत आई है। उनके लौटते ही व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
डॉ. अरविंद पांगती, प्रभारी पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।
केस एक
कमर दर्द से जूझते हुए हवालबाग से पहुंचे केशर सिंह ने बताया कि सुबह पहुंचकर पर्ची कटवा ली। बाद में पता चला कि दोनों हड्डी रोग विशेषज्ञ अवकाश पर हैं। ऐसे में उन्हें दर्द से कराहते हुए सात किमी दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
केस दो
कोसी की ज्योति ने बताया कि कड़ाके की ठंड में वह तेज बुखार और खांसी की दिक्कत से जूझते हुए अपने 12 महीने के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची। यहां बाल रोग विशेषज्ञ न होने से उन्हें अब निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।
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साप्ताहिक बंदी के बाद सोमवार को खुले जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। 10 बजे तक ही उपचार के लिए 110 से अधिक पर्ची कट गईं और मरीजों ने चिकित्सक कक्षों का रुख किया। दांत, चर्म, हड्डी रोग से जूझते हुए मरीज चिकित्सकों के कक्षों के ताले खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से उपचार पूरी तरह ठप रहा। बढ़ती ठंड के बीच सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित 40 से अधिक बच्चों को लेकर परिजन उपचार के लिए पहुंचे। यहां तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के भी अवकाश पर जाने से बच्चों को उपचार नसीब नहीं हुआ और परिजनों को उनके उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। कई मरीजों से सात किमी दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगाई तो कई बैरंग घर लौटे। संवाद
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दोनों हड्डी रोग विशेषज्ञ के न होने से दिक्कत
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। सोमवार को एक साथ दोनों चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से मरीजों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। एक डॉक्टर भी न मिलने से 30 से अधिक मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा।
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चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से दिक्कत आई है। उनके लौटते ही व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
डॉ. अरविंद पांगती, प्रभारी पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।
केस एक
कमर दर्द से जूझते हुए हवालबाग से पहुंचे केशर सिंह ने बताया कि सुबह पहुंचकर पर्ची कटवा ली। बाद में पता चला कि दोनों हड्डी रोग विशेषज्ञ अवकाश पर हैं। ऐसे में उन्हें दर्द से कराहते हुए सात किमी दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
केस दो
कोसी की ज्योति ने बताया कि कड़ाके की ठंड में वह तेज बुखार और खांसी की दिक्कत से जूझते हुए अपने 12 महीने के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची। यहां बाल रोग विशेषज्ञ न होने से उन्हें अब निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।