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Almora News: दो साल पहले लगा दिए नल, आज तक नहीं टपका जल

Sat, 09 Mar 2024 12:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sat, 09 Mar 2024 12:00 AM IST
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People face problems.
अल्मोड़ा। हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू हुई और अब यह समाप्ति की तरफ बढ़ रही है। योजना को सफल और बढ़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। योजना के तहत कनेक्शन भी लगा दिए गए हैं लेकिन इनमें अब तक पानी नहीं टपका है। पेयजल समस्या का सामना कर रहा नगर का नजदीकी गांव बल्टा इसका प्रमाण है। यहां दो साल पूर्व जल जीवन मिशन योजना के तहत लगे 150 से अधिक कनेक्शन में अब तक पानी की बूंद नहीं टपकी है और ग्रामीण डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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नगर से सटे हवालबाग विकासखंड के बल्टा गांव में दो साल पूर्व जल जीवन मिशन योजना के तहत 150 से अधिक कनेक्शन लगाए गए। दावा किया कि पानी की परेशानी का सामना कर रहे इस गांव की 400 की आबादी को समस्या से मुक्ति मिलेगी और उन्हें प्राकृतिक स्रोतों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उनकी यह उम्मीद अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। यहां कनेक्शनों में पानी नहीं आया। कनेक्शन लगाने के साथ इनमें जलापूर्ति करने के लिए 50 लाख रुपये खर्च कर 40 केएल का टैंक भी बना दिया गया जो अब तक शोपीस बना है। ऐसे में ग्रामीण डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। गर्मी बढ़ते ही यहां भी जलस्तर कम हो गया है और भीड़ अधिक होने से ग्रामीणों को कुछ लीटर पानी के लिए लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। संवाद
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नई योजना के लिए करना पड़ेगा इंतजार
अल्मोड़ा। बल्टा गांव के सूखे कनेक्शनों में पानी चलाने के लिए पातालदेवी से दो करोड़ रुपये की नई योजना का निर्माण होना है। इस योजना को वन विभाग की स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति कब मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब जल निगम के अधिकारियों के पास नहीं है। ऐसे में बल्टा के ग्रामीणों को इस गर्मी भी जल संकट से मुक्ति नहीं मिलेगी और उन्हें सूखे नलों में जल टपकने का इंतजार करना होगा। संवाद
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बोले लोग
दो साल पहले जल जीवन मिशन योजना के तहत कनेक्शन लगा दिए। इनमें अब भी पानी नहीं टपका है। जल जीवन मिशन को सफल बताना गलत है। ग्रामीण अब भी प्राकृतिक जल स्रोत पर निर्भर हैं। नीलम देवी, प्रधान, बल्टा।

नलों में पानी न आने से हमारा पूरा दिन प्राकृतिक जल स्रोत की दौड़ लगाने में बीत रहा है। डेढ़ किमी दूर जाकर हमें पानी लाना पड़ रहा है। हमारी इस गंभीर समस्या के समाधान के प्रयास नहीं हो रहे। -बिमला देवी।

सालों से हम प्राकृतिक जल स्रोत पर निर्भर हैं और हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे हो रहे हैं। गर्मियों में दिक्कत और बढ़ जाती है। हमें कुछ लीटर पानी के लिए भी प्राकृतिक जल स्रोत में लाइन लगानी पड़ रही है।- हेमा देवी।

कई बार सूखे कनेक्शन में पानी चलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक मायूसी मिली है। न जाने कब नलों में पानी टपकेगा और कब हमें इस गंभीर समस्या से मुक्ति मिलेगी। -मंजू देवी।


बल्टा गांव में योजना के तहत कनेक्शन लगाए गए हैं। इन्हें पेयजल योजना से जोड़ने के लिए आसपास के गांव वाले विरोध कर रहे हैं। नई योजना का निर्माण होना है। इसके बाद इस समस्या का समाधान हो जाएगा। - दीपक जोशी, जेई, जल निगम, अल्मोड़ा।
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