फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Pahadi Gathi vegetable is enhancing the aroma and taste of people's plate.

Almora News: पहाड़ी गेठी की सब्जी बढ़ा रही है लोगों की थाली की खुशबू और स्वाद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:44 PM IST
विज्ञापन
Pahadi Gathi vegetable is enhancing the aroma and taste of people's plate.
अल्मोड़ा। ठंड के मौसम में पहाड़ी गेठी की सब्जी लोगों की थाली की खुशबू के साथ स्वाद भी बढ़ा रही है। बाजार में इन दिनों पहाड़ी गेठी की मांग काफी बनी हुई है। मांग ज्यादा होने से बाजार में 60 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाली पहाड़ी गेठी इन दिनों 100 से 110 रुपये प्रतिकिलो में बिक रही है। इससे सब्जियों के कारोबारियों के चेहरे में चमक है। पहाड़ों में ठंड के मौसम में पहाड़ी गेठी की सब्जी खास मानी जाती है।
विज्ञापन

यह एक सब्जी नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, औषधीय उपयोग और प्राकृतिक जीवनशैली का हिस्सा भी है। इसे लोग सर्दियों में शरीर को गर्म रखने, ताकत बढ़ाने और शरीर को सेहतमंद बनाने के लिए सब्जी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। गेठी की बनी सब्जी के स्वाद में मिट्टी की सोंधी खुशबू और पहाड़ की सादगी महसूस होती है। इसे बनाने का पारंपरिक तरीका आज भी पहाड़ी गांवों में बना हुआ है। संवाद
विज्ञापन

--------------------
गेठी की सब्जी बनाने का तरीका
सबसे पहले लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल कर गेठी को पकाया जाता है। पक जाने पर गेठी को चूल्हे से निकालकर ठंडा किया जाता है। इसके बाद उसे छीला जाता है। छिलते समय हाथों में उसकी गर्माहट और मिट्टी की खुशबू दोनों एक साथ महसूस होती हैं। इसे सिलबट्टे में कूटा जाता है। इससे उसकी बनावट और भी मुलायम और खिचड़ी जैसी हो जाती है। एक लोहे की कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म किया जाता है। तेल में जीरा, हींग और लहसुन का तड़का लगाया जाता है। बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनते हैं। मसालों में हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक मिलाया जाता है। इसके बाद कूटी हुई गेठी को इसमें डालकर धीमी आंच पर अच्छी तरह से भून लेते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------
दवाइयों के रूप में किया जाता है इस्तेमाल
गेठी का उपयोग खांसी, जुकाम, पाचन समस्याओं, त्वचा रोगों, हाई ब्लड प्रेशर और गठिया जैसी कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इसमें विटामिन बी, फाइबर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, जिंक सहित अनेक पोषक तत्वों होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग इसका सेवन उबालकर, भूनकर और पाउडर बनाकर करते हैं। संवाद
--------------
वर्जन :
बाजार में पहाड़ी गेठी की अच्छी खासी डिमांड है। प्रतिदिन करीब 15 से 20 किलो गेठी को बेच रहा हूं। गांव के किसान कई बार गेठी को बाजार तक पहुंचा रहे हैं। - पुष्कर सिंह, सब्जी व्यापारी

-----------
पिछले साल तक 60 रुपये किलो बिकती थी। इस बार 100 से 110 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। सुबह मेरे पास करीब 30 किलो गेठी थी। अब लगभग आठ किलो बची होगी। यह भी शाम तक खत्म हो जाएगी। इन दिनों बाजार में गेठी की मांग खूब है। - चंदन सिंह, सब्जी बिक्रेता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed