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Almora News: स्कूल में नहीं शौचालय...बेटियां परेशान..किसी को फर्क नहीं पड़ता

Wed, 27 Sep 2023 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Wed, 27 Sep 2023 12:27 AM IST
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No toilet in school...daughters are troubled...nobody cares
सल्ट के जीआईसी झड़गांव में क्षतिग्रस्त शौचालय। संवाद 
अल्मोड़ा। सुधार के दावों के बावजूद सरकारी विद्यालय बदहाल व्यवस्थाओं से उबर नहीं पा रहे हैं। हालात ये हैं कि विद्यालयों में शौचालय और पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी और शिक्षक खुले में शौच के लिए जाते हैं तो वहीं घर से पानी ढोकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। सबसे अधिक दिक्कत बेटियों को होती है। अल्मोड़ा जिले में 50 सरकारी विद्यालय ऐसे हैं जहां अब तक शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है और 123 विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन ही नहीं लग सके हैं।
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हाईकोर्ट ने सरकार का जवाब तलब कर स्कूलों में पानी और शौचालय के न होने को बच्चों के अधिकारों का हनन बताया है। सरकार से ऐसे विद्यालयों के बारे में बताने को भी कहा है जहां पानी और शौचालय सुविधा नहीं है। अल्मोड़ा जिले के स्कूलों की पड़ताल की गई तो बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई। यह जिला सरकारी कागजों में खुले में शौचमुक्त है। बावजूद इसके सरकारी विद्यालय इसे हवाई साबित कर रहे हैं।
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123 विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। इनमें पढ़ने वाले 20 हजार से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक घर से बोतल में पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने की मजबूरी से गुजर रहे हैं।
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हैरानी की बात यह है कि सफाई के लिए पानी न होने से शौचालय उपलब्ध होने के बाद भी इनका उपयोग करना मुश्किल हो रहा है। इन सब के बीच हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना की सफलता के साथ ही जिले के खुले में शौचमुक्त होने के दावे किए जा रहे हैं।



मिड-डे मील के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोना मजबूरी

अल्मोड़ा। विद्यालयों में पानी की व्यवस्था न होने से मिड-डे मील तैयार करना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन न होने से भोजन माता प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर मिड डे मील तैयार कर बच्चों को परोस रही हैं।



सल्ट के विद्यालयों के हालात सबसे अधिक खराब

अल्मोड़ा। जिले के दूरस्थ विकासखंड सल्ट के विद्यालयों के हालत सबसे अधिक दयनीय है। यहां सबसे अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां न तो शौचालय हैं और ना ही पानी की व्यवस्था। यहां 10 विद्यालय शौचालय विहीन हैं और 31 विद्यालय पानी की कमी से जूझ रहे हैं।



इन स्कूलों में नहीं है शौचालय और पानी

विकासखंड शौचालय विहीन विद्यालय पेयजल विहीन विद्यालय

सल्ट 10 31

धौलादेवी 08 16

द्वाराहाट 06 11

लमगड़ा 06 10

ताड़ीखेत 06 23

भैसिंयाछाना 03 01

भिकियासैंण 01 04

चौखुटिया 02 04

स्याल्दे 05 07

ताकुला 03 00

हवालबाग 00 16



मुख्य शिक्षाधिकारी अंबा दत्त बलोदी का कहना है कि विद्यालयों में शौचालय निर्माण और पेयजल कनेक्शन लगाने के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेजा गया है। शौचालय और पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।





बागेश्वर जिले के प्राइमरी स्कूल कुंवारी में नहीं है शौचालय

बागेश्वर। जिले के एकमात्र प्राथमिक विद्यालय कुंवारी में शौचालय नहीं है। आपदा प्रभावित विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल में शिफ्ट किया गया है। शौचालय निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिले के सभी विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन हैं, तीन विद्यालयों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है।


जिले में 559 प्राथमिक, 109 जूनियर हाईस्कूल, 61 इंटर कॉलेज और 32 हाईस्कूल हैं। सभी विद्यालयों में शौचालय बने हैं और पेयजल संयोजन जुड़े हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी जीएस सौन ने बताया कि कुंवारी गांव का प्राथमिक विद्यालय भूस्खलन की जद में आ गया था। स्कूल को जूनियर हाईस्कूल के साथ टिनशेड बनाकर शिफ्ट किया गया है। दोनों विद्यालयों में 21 बच्चे हैं। फिलहाल बच्चे जूनियर हाईस्कूल के शौचालय का उपयोग कर रहे हैं। तीन प्राथमिक विद्यालयों फल्यांटी, स्यालडोबा और भाटगाड़ में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत थी, तीनों विद्यालयों के पेयजल संयोजन को जल जीवन मिशन योजना से जोड़ा जा रहा है।
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