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Almora News: अल्मोड़ा में जरूरत से ज्यादा फार्मासिस्ट

Mon, 25 Sep 2023 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Mon, 25 Sep 2023 12:16 AM IST
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More pharmacists than required in Almora
अल्मोड़ा। एक ओर प्रदेश के अस्पताल स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहे हैं और विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले फार्मासिस्ट की कमी है। वहीं अल्मोड़ा जिले में फार्मासिस्ट की भरमार है और यह पद अधिसंख्य माने गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद भी जिले के स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के बगैर संचालित हो रहे हैं और यहां दवा बांटने की जिम्मेदारी अन्य निभा रहे हैं। जिले के 66 स्वास्थ्य उपकेंद्र इसका प्रमाण हैं।
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जिले में संचालित जिला, महिला, नौ सीएचसी, सात पीएचसी, 66 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट के 106 पद स्वीकृत हैं, जबकि 146 फार्मासिस्ट तैनात हैं। आकड़ों के मुताबिक जिले में स्वीकृत पदों के सापेक्ष 40 फार्मासिस्ट अधिक तैनात हैं और सरकारी कागजों में इसकी संख्या अधिसंख्य है।
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हैरानी की बात यह है कि पर्याप्त फार्मासिस्ट होने के बाद भी 66 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में इनकी तैनाती ही नहीं है। यह स्थिति तब आई जब यहां इनके पद समाप्त कर दिए और इन केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी सीएचओ को दे दी गई।
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ऐसे में इन अस्पतालों में दवा बांटने के लिए फार्मासिस्ट नहीं है और नियमों को दरकिनार कर अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से दवा बंटवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार के इस निर्णय से फार्मासिस्ट में भी नाराजगी साफ झलक रही है। अब अधिसंख्य फार्मासिस्ट और इनके पद कहां समायोजित होंगे, इसका स्पष्ट जवाब भी विभाग के पास नहीं है।

अल्मोड़ा के सीएमओ डॉ. आरसी पंत का कहना है कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट के पद खत्म कर दिए हैं। यहां सीएचओ को तैनाती दी गई है, जिन्हें दवा बांटने का भी प्रशिक्षण दिया गया है। फार्मासिस्ट को अन्य अस्पतालों में समायोजित किया जा रहा है।







डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीके जोशी का कहना है कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट के पद खत्म करना गलत है। नियम के मुताबिक केवल फार्मासिस्ट को ही दवा बांटने का अधिकार है। निश्चित तौर पर फार्मासिस्टों के पद समाप्त करना और उन्हें स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग में समायोजित करना गलत है, इसका विरोध जारी रहेगा।

चीफ फार्मासिस्ट की कमी
अल्मोड़ा। जिले में फार्मासिस्ट की कोई कमी नहीं है, लेकिन जिला चीफ फार्मासिस्ट की कमी से जूझ रहा है। जिले के अस्पतालों में चीफ फार्मासिस्ट के 19 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 10 पदों पर ही तैनाती है। फार्मासिस्ट को इन पदों पर पदोन्नति मिलती है। लंबे समय बाद भी पदोन्नति प्रक्रिया न होने से यह पद रिक्त हैं और फार्मासिस्ट इसका इंतजार कर रहे हैं।



दवा की गुणवत्ता परखने वाला कोई नहीं
अल्मोड़ा। जिले में 200 से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हैं। बावजूद इसके दवा की गुणवत्ता परखने वाला कोई नहीं है। जिले में ड्रग इंस्पेक्टर का पद लंबे समय से रिक्त है और नैनीताल के ड्रग इंस्पेक्टर को जिले का प्रभार दिया गया है।
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