{"_id":"649b1ff0727f4c5bf50b2a27","slug":"more-opd-case-in-almora-almora-news-c-8-1-177177-2023-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अल्मोड़ा में ओपीडी 500 के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अल्मोड़ा में ओपीडी 500 के पार
Tue, 27 Jun 2023 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 27 Jun 2023 11:14 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में मंगलवार को इस तरह उमड़ी मरीजों की भीड़।संवाद
अल्मोड़ा। बदलते मौसम और गर्मी के बीच जिले में बीमारी का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोग मौसमी बुखार, निमोनिया, दस्त आदि से जूझ रहे हैं जिससे अस्पताल में रोगियों का दबाव बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में मंगलवार को रोगियों की भीड़ रही और ओपीडी 500 के पार पहुंच गई। पर्ची काटने के लिए भी लोगों को लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल में अन्य दिनों 350 मरीज उपचार को पहुंचते थे लेकिन मंगलवार को अचानक मरीजों की संख्या में खासा उछाल आया। फिजीशियन डॉ. हरीश आर्या ने कहा कि बीते कई दिनों से सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हो रही है लेकिन दिन के समय खासी गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोग मौसमी बुखार, निमोनिया, शुगर, उल्टी-दस्त से जूझने लगे हैं। बताया कि उल्टी-दस्त के 10 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे जिनका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बारिश में भीगने से बचना चाहिए और शुद्ध पानी का प्रयोग जरूरी है।
मातृ-शिशु की मौत के मामले बढ़ना चिंता का विषय
अल्मोड़ा। डीएम विनीत तोमर ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इसे रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विकासखंड और गांवों में जन्म और जन्म के बाद बच्चों की मृत्यु दर में भिन्नता सामने आ रही है जो चिंता का विषय है। मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए सभी को गंभीर होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अस्पताल में प्रसव कराने के लिए गर्भवतियों और परिजनों को जागरूक करने के निर्देश दिए। कहा कि आम जनता को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी सीएचसी और पीएचसी से मातृ-शिशु मृत्यु के जारी मामलों की गंभीरता से समीक्षा करने के लिए कहा। इस मौके पर सीएमओ डॉ. आरसी पंत, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रीति पंत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अन्य दिनों 350 मरीज उपचार को पहुंचते थे लेकिन मंगलवार को अचानक मरीजों की संख्या में खासा उछाल आया। फिजीशियन डॉ. हरीश आर्या ने कहा कि बीते कई दिनों से सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हो रही है लेकिन दिन के समय खासी गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोग मौसमी बुखार, निमोनिया, शुगर, उल्टी-दस्त से जूझने लगे हैं। बताया कि उल्टी-दस्त के 10 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे जिनका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बारिश में भीगने से बचना चाहिए और शुद्ध पानी का प्रयोग जरूरी है।
विज्ञापन
मातृ-शिशु की मौत के मामले बढ़ना चिंता का विषय
अल्मोड़ा। डीएम विनीत तोमर ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इसे रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विकासखंड और गांवों में जन्म और जन्म के बाद बच्चों की मृत्यु दर में भिन्नता सामने आ रही है जो चिंता का विषय है। मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए सभी को गंभीर होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अस्पताल में प्रसव कराने के लिए गर्भवतियों और परिजनों को जागरूक करने के निर्देश दिए। कहा कि आम जनता को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी सीएचसी और पीएचसी से मातृ-शिशु मृत्यु के जारी मामलों की गंभीरता से समीक्षा करने के लिए कहा। इस मौके पर सीएमओ डॉ. आरसी पंत, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रीति पंत आदि मौजूद रहे।