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Almora News: मुस्कुराने की आदत डालो, रुलाने वालों की कमी नहीं है...
Mon, 29 Sep 2025 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:44 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी परिषद की ओर से छावनी इंटर कॉलेज में हिंदी पखवाड़े के समापन के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि और कवयित्रियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ के दौरान जहां एक ओर समाज की व्यथा और सियासत पर व्यंग्य सुनाई दिया, वहीं दूसरी ओर सकारात्मकता, पर्यावरण प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का संदेश भी गूंजा।
कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री उमा जोशी ने मां दुर्गा की स्तुति मैया ने शेर तज सिंह लिया है साथ में... से की। उन्होंने दोष नहीं है यहां किसी का यह कलिकाल की छाया है... कविता सुनाकर सराहना पाई।
कवि आनंद अग्रवाल ने मुस्कुराने की आदत डालो, रुलाने वालों की कमी नहीं है...रचना सुनाई। सीमा भाकुनी ने हिंदी की महत्ता पर सरल सहज मुझको है लगती वो है एक ही भाषा... पंक्तियां सुनाई।
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एडवोकेट दिनेश तिवारी ने शहर की हालत पर व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कत्ल हो गया जमीर शहर का नक्शा बिगड़ गया है शहर का। विमल सती ने हमें ऊंचा उठाने की कोशिश में खुद धंसते जाते पिता...रचना प्रस्तुत कर पिता के त्याग को याद कर सभी को भावुक कर दिया।
संजय रौतेला ने बड़े गंदे लगते हैं, ये जपा ये कांग्रेस और सब...राजनीति पर पैरोडी पेश की । अंकिता पंत बिष्ट ने जीवन जीने का संदेश दिया तुम सांझ को सवेरे में बदलना अपना बेहतर देना कभी बंद मत करना.. डॉ. विनीता खाती ने हिंदी की व्यथा को शब्द दिए।
इस मौके पर ज्योति साह ने हां मैं जिंदा हूं पर शर्मिंदा हूं..., प्रीति पंत ने धरा से प्यार करो दोहन नहीं .., गीता जोशी ने शब्द शब्द हैं, कम न समझें..रचना प्रस्तुत की।
इसके अलावा नरेश डोबरियाल, रिजवाना सिद्दीकी, मेघा जोशी, माया बिष्ट, इमराना परवीन, रिदा सिद्दीकी और कुनाल सिंह ने भी प्रभावशाली कविता पाठ कर कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। इस मौके पर छावनी परिषद के राजस्व अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद पंत, गौरव भट्ट, गोपाल राम, रश्मि बिष्ट, सुनीता कार्की आदि मौजूद रहे।
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कवि और कवयित्रियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य पाठ के दौरान जहां एक ओर समाज की व्यथा और सियासत पर व्यंग्य सुनाई दिया, वहीं दूसरी ओर सकारात्मकता, पर्यावरण प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का संदेश भी गूंजा।
कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री उमा जोशी ने मां दुर्गा की स्तुति मैया ने शेर तज सिंह लिया है साथ में... से की। उन्होंने दोष नहीं है यहां किसी का यह कलिकाल की छाया है... कविता सुनाकर सराहना पाई।
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कवि आनंद अग्रवाल ने मुस्कुराने की आदत डालो, रुलाने वालों की कमी नहीं है...रचना सुनाई। सीमा भाकुनी ने हिंदी की महत्ता पर सरल सहज मुझको है लगती वो है एक ही भाषा... पंक्तियां सुनाई।
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एडवोकेट दिनेश तिवारी ने शहर की हालत पर व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कत्ल हो गया जमीर शहर का नक्शा बिगड़ गया है शहर का। विमल सती ने हमें ऊंचा उठाने की कोशिश में खुद धंसते जाते पिता...रचना प्रस्तुत कर पिता के त्याग को याद कर सभी को भावुक कर दिया।
संजय रौतेला ने बड़े गंदे लगते हैं, ये जपा ये कांग्रेस और सब...राजनीति पर पैरोडी पेश की । अंकिता पंत बिष्ट ने जीवन जीने का संदेश दिया तुम सांझ को सवेरे में बदलना अपना बेहतर देना कभी बंद मत करना.. डॉ. विनीता खाती ने हिंदी की व्यथा को शब्द दिए।
इस मौके पर ज्योति साह ने हां मैं जिंदा हूं पर शर्मिंदा हूं..., प्रीति पंत ने धरा से प्यार करो दोहन नहीं .., गीता जोशी ने शब्द शब्द हैं, कम न समझें..रचना प्रस्तुत की।
इसके अलावा नरेश डोबरियाल, रिजवाना सिद्दीकी, मेघा जोशी, माया बिष्ट, इमराना परवीन, रिदा सिद्दीकी और कुनाल सिंह ने भी प्रभावशाली कविता पाठ कर कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। इस मौके पर छावनी परिषद के राजस्व अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद पंत, गौरव भट्ट, गोपाल राम, रश्मि बिष्ट, सुनीता कार्की आदि मौजूद रहे।