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किसान मेले में मडुवा 348 और वीएल भट्ट 201 का लोकार्पण
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:28 PM IST
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किसान मेले में खरीददारी करते काश्तकार।
- फोटो : amar ujala
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विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित किसान मेले में मडुवा 348 और वीएल भट्ट 201 वैरायटी का लोकार्पण करने के साथ ही मटर, बेबीकार्न, पालीहाउस और स्वीटकार्न की वैज्ञानिक खेती पर चार प्रपत्र जारी किए गए।
मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने किसानों की आय को 2022 तक दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए पर्वतीय क्षेत्र में दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए काश्तकारों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
बेमौसमी सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उन्होंने वैज्ञानिकों से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को सब्जी उत्पादन की ओर प्रेरित करने को कहा। हवालबाग परिक्षेत्र में आयोजित किसान मेले में उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकें, इसके लिए शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है।
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संस्थान के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार द्वारा भी प्रत्येक न्याय पंचायत में किसान गोष्ठी का आयोजन कर किसानों की समस्याओं को सुना जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने मडुवा 348 और वीएल भट्ट 201 वैरायटी का लोकार्पण और अनुसंधान केंद्र के चार प्रपत्रों का विमोचन किया।
मुख्य अतिथि ने ग्राम डाल के उन्नतशील किसान त्रिलोक सिंह चौहान को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। संस्थान के निदेशक ए पटनायक ने कहा कि संस्थान रबी गोष्ठी में लोगों को बीज उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उद्यान विभाग के सहयोग से कृषि से आय बढ़ाने विषय पर भी काम कर रहा है।
इसके अलावा लोगों को हैंडीक्राफ्ट, ऊनी वस्त्रों, जड़ी-बूटी उत्पादन और फलों के जूस बनाने आदि के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान और सस्ते दरों पर कृषि यंत्र देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
इससे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष ने मेले का उद्घाटन करते हुए मेला परिसर में विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया। संचालन डा. निर्मल चंद्रा ने किया। मेले में डा. जयदीप कुमार बिष्ट, डा. लक्ष्मीकांत, डा. एसके हेडल, डा. जेपी गुप्ता, डा. बीएम पांडे समेत कई लोगों ने विचार रखे।
जबकि जेएस बिष्ट, पूर्व निदेशक डा. जेसी भट्ट, डा. एमसी जोशी समेत काश्तकार मौजूद थेे।
किसान मेले में कम रही भीड़
किसान मेले में इस बार कृषि यंत्र, सब्जी, बीज से संबधित 30 स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार किसान मेले में भीड़ कम रही। स्टॉलों में भी खरीददारी के लिए काफी कम काश्तकार पहुंचे।
पिरूल और नौलों पर विशेष कार्य पर वीपीकेएस को देशभर में तीसरा स्थान
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को स्वच्छता अभियान में बढ़ावा देने और पिरूल और नौलों के जीणोद्धार पर किए गए कार्य के लिए देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। संस्थान के निदेशक ए पटनायक ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्राप्त पुरस्कार जिला प्रशासन और संस्थान के सामूहिक प्रयास से ही मिल पाया।
उन्होंने बताया कि उनका संस्थान जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान के साथ मिलकर पिरूल पर कार्य कर रहा है इसके सार्थक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे।
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मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने किसानों की आय को 2022 तक दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए पर्वतीय क्षेत्र में दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए काश्तकारों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
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बेमौसमी सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उन्होंने वैज्ञानिकों से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को सब्जी उत्पादन की ओर प्रेरित करने को कहा। हवालबाग परिक्षेत्र में आयोजित किसान मेले में उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकें, इसके लिए शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है।
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संस्थान के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार द्वारा भी प्रत्येक न्याय पंचायत में किसान गोष्ठी का आयोजन कर किसानों की समस्याओं को सुना जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने मडुवा 348 और वीएल भट्ट 201 वैरायटी का लोकार्पण और अनुसंधान केंद्र के चार प्रपत्रों का विमोचन किया।
मुख्य अतिथि ने ग्राम डाल के उन्नतशील किसान त्रिलोक सिंह चौहान को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। संस्थान के निदेशक ए पटनायक ने कहा कि संस्थान रबी गोष्ठी में लोगों को बीज उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उद्यान विभाग के सहयोग से कृषि से आय बढ़ाने विषय पर भी काम कर रहा है।
इसके अलावा लोगों को हैंडीक्राफ्ट, ऊनी वस्त्रों, जड़ी-बूटी उत्पादन और फलों के जूस बनाने आदि के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान और सस्ते दरों पर कृषि यंत्र देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
इससे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष ने मेले का उद्घाटन करते हुए मेला परिसर में विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया। संचालन डा. निर्मल चंद्रा ने किया। मेले में डा. जयदीप कुमार बिष्ट, डा. लक्ष्मीकांत, डा. एसके हेडल, डा. जेपी गुप्ता, डा. बीएम पांडे समेत कई लोगों ने विचार रखे।
जबकि जेएस बिष्ट, पूर्व निदेशक डा. जेसी भट्ट, डा. एमसी जोशी समेत काश्तकार मौजूद थेे।
किसान मेले में कम रही भीड़
किसान मेले में इस बार कृषि यंत्र, सब्जी, बीज से संबधित 30 स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार किसान मेले में भीड़ कम रही। स्टॉलों में भी खरीददारी के लिए काफी कम काश्तकार पहुंचे।
पिरूल और नौलों पर विशेष कार्य पर वीपीकेएस को देशभर में तीसरा स्थान
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को स्वच्छता अभियान में बढ़ावा देने और पिरूल और नौलों के जीणोद्धार पर किए गए कार्य के लिए देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। संस्थान के निदेशक ए पटनायक ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्राप्त पुरस्कार जिला प्रशासन और संस्थान के सामूहिक प्रयास से ही मिल पाया।
उन्होंने बताया कि उनका संस्थान जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान के साथ मिलकर पिरूल पर कार्य कर रहा है इसके सार्थक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे।