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Almora News: विज्ञान के शिक्षक नहीं, भवन भी जर्जर
Sun, 21 May 2023 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 21 May 2023 11:41 PM IST
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अल्मोड़ा के जीआईसी दड़मिया के भवन की बदहाल दीवारें। संवाद
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अल्मोड़ा। जिले में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूल सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी के सभी दावों को खोखला साबित कर रहे हैं। ताकुला विकासखंड का जीआईसी दड़मिया इसकी बानगी है। यहां विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती भी नहीं हो सकी है। विद्यालय भवन की दीवारों में दरारें पड़ी हैं और छत भी खस्ताहाल है। बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। वहीं जर्जर दीवारों के गिरने का खतरा बना है। ऐसे में विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
जीआईसी दड़मिया में 12 से अधिक गांवों के 200 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन उन्हें विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। चार साल से यहां भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता और दो साल से अंग्रेजी के प्रवक्ता नहीं हैं। इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों का डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना टूट रहा है और उनके और अभिभावकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरा गईं हैं। यहां पढ़ने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है जिससे वे और उनके अभिभावक चिंतित हैं।
रुचि विज्ञान में और पढ़ रहे कला वर्ग
अल्मोड़ा। नगर के आसपास के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपलब्धता है लेकिन ताकुला क्षेत्र में विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए तक शिक्षक नहीं मिल रहे। हालात यह हैं कि स्कूल में शिक्षक और बाहर ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक न मिलने से डॉक्टर, इंजीनियर बनने के सपने लिए विद्यार्थियों को मजबूरन कला वर्ग की पढ़ाई करनी पड़ रही है। संवाद
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जीआईसी दड़मिया में शिक्षकों के खाली पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर पर होती है। इसके बाद भी विद्यार्थियों को हर विषय का ज्ञान देने के प्रयास हो रहे हैं। - विनय कुमार आर्या, खंड शिक्षाधिकारी, अल्मोड़ा।
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जीआईसी दड़मिया में 12 से अधिक गांवों के 200 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन उन्हें विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। चार साल से यहां भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता और दो साल से अंग्रेजी के प्रवक्ता नहीं हैं। इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों का डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना टूट रहा है और उनके और अभिभावकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरा गईं हैं। यहां पढ़ने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है जिससे वे और उनके अभिभावक चिंतित हैं।
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रुचि विज्ञान में और पढ़ रहे कला वर्ग
अल्मोड़ा। नगर के आसपास के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपलब्धता है लेकिन ताकुला क्षेत्र में विद्यार्थियों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए तक शिक्षक नहीं मिल रहे। हालात यह हैं कि स्कूल में शिक्षक और बाहर ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक न मिलने से डॉक्टर, इंजीनियर बनने के सपने लिए विद्यार्थियों को मजबूरन कला वर्ग की पढ़ाई करनी पड़ रही है। संवाद
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जीआईसी दड़मिया में शिक्षकों के खाली पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर पर होती है। इसके बाद भी विद्यार्थियों को हर विषय का ज्ञान देने के प्रयास हो रहे हैं। - विनय कुमार आर्या, खंड शिक्षाधिकारी, अल्मोड़ा।