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बजट के लिए कुंजवाल ने कुछ नहीं खाया
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भाजपा सरकार के खिलाफ रामलीला मैदान लमगड़ा में उपवास पर बैठे विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और समर्थ?
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। लमगड़ा में महाविद्यालय और तहसील भवन के निर्माण के लिए बजट आवंटित करने की मांग के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने रामलीला मैदान लमगड़ा में चौबीस घंटे का उपवास शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे। कुंजवाल ने भाजपा सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने लमगड़ा में महाविद्यालय और तहसील को स्वीकृति दी। दोनों संस्थानों का किराए के भवन में संचालन शुरू किया, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद दोनों संस्थानों के भवन निर्माण को स्वीकृति नहीं दी। कुंजवाल ने कहा कि एक महीने पहले प्रदेश सरकार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा गया था और मांग पूरी नहीं होने पर उपवास पर बैठने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार ने इसका जवाब देना भी उचित नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि सालों बाद भी दोनों संस्थान किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं, जबकि भूमि भी विभागों के नाम हो गई है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में स्वीकृत योजनाओं में रोड़ा अटकाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं के भवनों के निर्माण कार्य शुरू होने तक सरकार को जगाने के लिए संघर्षरत रहेंगे।
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वक्ताओं ने कहा कि महाविद्यालय और तहसील भवन के निर्माण की मांग पूरी होने तक कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी। डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष दीवान सिंह भैसोड़ा, प्रशांत भैसोड़ा, युकां जिलाध्यक्ष निर्मल रावत, लमगड़ा ब्लाक अध्यक्ष दीवान सतवाल, पूरन बिष्ट आदि ने विचार रखे।
उपवास के समर्थन में ये बैठे धरने पर
न्याय पंचायत अध्यक्ष पूरन पांडे, मनोज रावत, हेम आर्या, रमेश बिष्ट, लाल सिंह मेर, धन सिंह फर्त्याल, ललित सतवाल, कुंदन सिंह, नवीन कोहली, शिव राम आर्य, रवि कनवाल, प्रदीप बिष्ट, गोपाल मेहता, हेम आर्या, दिनेश जोशी, जीवन चंद्र, विशन सिंह कुंजवाल, पुष्कर सिंह रजवाड़, हेम जोशी, रमेश मेलकानी, चंदन कुमाउंनी, दीपक मलड़ा, मोहन नगरकोटी, प्रताप राम, चंदन सिंह नेगी, बहादुर सिंह, कुंवर सिंह कार्की, सतीश पंत, रमेश आर्या, हरीश डसीला, हरीश नेगी, सोबन सिंह बिष्ट, विशन रावत, राम सिंह नगरकोटी, भानु सिंह बिष्ट, पान सिंह सतवाल, चंदन बोरा, अमर प्रकाश, त्रिलोक सिंह, बची सिंह बगडवाल, राजेंद्र बिष्ट, बहादुर सिंह आदि।
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उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने लमगड़ा में महाविद्यालय और तहसील को स्वीकृति दी। दोनों संस्थानों का किराए के भवन में संचालन शुरू किया, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद दोनों संस्थानों के भवन निर्माण को स्वीकृति नहीं दी। कुंजवाल ने कहा कि एक महीने पहले प्रदेश सरकार को इस संबंध में ज्ञापन भेजा गया था और मांग पूरी नहीं होने पर उपवास पर बैठने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार ने इसका जवाब देना भी उचित नहीं समझा।
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उन्होंने कहा कि सालों बाद भी दोनों संस्थान किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं, जबकि भूमि भी विभागों के नाम हो गई है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में स्वीकृत योजनाओं में रोड़ा अटकाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं के भवनों के निर्माण कार्य शुरू होने तक सरकार को जगाने के लिए संघर्षरत रहेंगे।
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वक्ताओं ने कहा कि महाविद्यालय और तहसील भवन के निर्माण की मांग पूरी होने तक कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी। डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष दीवान सिंह भैसोड़ा, प्रशांत भैसोड़ा, युकां जिलाध्यक्ष निर्मल रावत, लमगड़ा ब्लाक अध्यक्ष दीवान सतवाल, पूरन बिष्ट आदि ने विचार रखे।
उपवास के समर्थन में ये बैठे धरने पर
न्याय पंचायत अध्यक्ष पूरन पांडे, मनोज रावत, हेम आर्या, रमेश बिष्ट, लाल सिंह मेर, धन सिंह फर्त्याल, ललित सतवाल, कुंदन सिंह, नवीन कोहली, शिव राम आर्य, रवि कनवाल, प्रदीप बिष्ट, गोपाल मेहता, हेम आर्या, दिनेश जोशी, जीवन चंद्र, विशन सिंह कुंजवाल, पुष्कर सिंह रजवाड़, हेम जोशी, रमेश मेलकानी, चंदन कुमाउंनी, दीपक मलड़ा, मोहन नगरकोटी, प्रताप राम, चंदन सिंह नेगी, बहादुर सिंह, कुंवर सिंह कार्की, सतीश पंत, रमेश आर्या, हरीश डसीला, हरीश नेगी, सोबन सिंह बिष्ट, विशन रावत, राम सिंह नगरकोटी, भानु सिंह बिष्ट, पान सिंह सतवाल, चंदन बोरा, अमर प्रकाश, त्रिलोक सिंह, बची सिंह बगडवाल, राजेंद्र बिष्ट, बहादुर सिंह आदि।