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कोसी बैराज का काम धीमा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:19 AM IST
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कोसी नदी में 33 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन बैराज का काम निर्धारित समय से चार महीने बाद भी पूरा नहीं हुआ है। विधायक मनोज तिवारी ने निरीक्षण कर काम का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हर हाल में 10 फरवरी तक पांचों गेटों का काम पूरा कर झील में पानी रोकने के निर्देश दिए।
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अमर उजाला की टीम ने भी विधायक के साथ मौके पर जाकर बैराज निर्माण कार्य के प्रगति की पड़ताल की। 12:10 बजे विधायक का काफिला कोसी-बिमौला सड़क पर रुका। करीब 300 मीटर पैदल चल कर तिवारी 12:20 बजे बैराज निर्माण स्थल पर पहुंचे। इसके बाद निरीक्षण शुरू हुआ।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि अक्तूबर 2013 से काम शुरू हुआ था। काम पूरा करने के लिए सितंबर 2015 की अवधि निर्धारित थी। बरसात और अन्य कारणों से काम निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि बैराज का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो गया है।
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अब तक पांचों गेट लगाए जा चुके हैं। रोलर लगाने और रंग रोगन का काम चल रहा है। विभाग ने डूब क्षेत्र के बाहर दो शौचालय, कैंटीन का निर्माण कर लिया है। जल्द ही अवशेष काम पूरे किए जाएंगे। विधायक मनोज तिवारी ने अधिशासी अभियंता को हर हाल में 10 फरवरी तक काम पूरा कर बैराज में पानी रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बैराज निर्माण से जहां पेयजल समस्या का समाधान होगा वहीं सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा पर्यटन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। तिवारी ने कहा कि जल्द ही पर्यटन विभाग के माध्यम से बैराज क्षेत्र के आसपास सुंदरीकरण, अवस्थापना सुविधा विकसित करने के प्रयास होंगे।
इस मौके पर जल संस्थान के ईई नंद किशोर, जल निगम के एई केडी भट्ट, सिंचाई विभाग के बीबी पांडे, विपिन भट्ट, आनंद सिंह ऐरी, रमेश कांडपाल, अमरनाथ रावत, मदन डांगी आदि मौजूद थे।
कोसी बैराज लबालब भर जाने पर करीब दो किमी लंबी और 54 मीटर चौड़ाई की झील अस्तित्व में आएगी। झील की अधिकतम गहराई आठ मीटर होगी। इस झील में चार लाख घनमीटर पानी जमा होगा। झील के एक किनारे में सिंचाई विभाग सुंदर घाट का निर्माण भी करेगा। भविष्य में पर्यटकों को आकर्षित करने को इस झील में नौकायन समेत अन्य पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की योजना है।