{"_id":"5911a2e04f1c1baa7c852017","slug":"key-role-of-farmers-clubs-in-the-development-of-rural-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में कृषक क्लबों की अहम भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में कृषक क्लबों की अहम भूमिका
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
Updated Tue, 09 May 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से हवालबाग विकासखंड के किसान क्लबों की मीट विद एक्सपर्ट कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मनोज शर्मा ने कृषक क्लबों के ऋण के माध्यम से विकास के पांच सिद्धांत के बारे में बताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ऋण का उपयोग विज्ञान और तकनीक की सर्वाधिक उपयुक्त प्रणाली के अनुरूप किया जाना चाहिए। गांव में कृषक क्लब और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्र के विकास में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। संस्था के निदेशक गोपाल सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री जनधन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनाओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पशुओं को उत्तम आहार देने से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। ग्रास के सहायक निदेशक भूपेंद्र सिंह चौहान ने किसानों को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एटीएम, बीमा आदि के बारे में बताया। संचालन हेम चंद्र बिष्ट और हेमा बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में डा. ओपी आर्या, डा. स्वाति भोज, हेम चंद्र बिष्ट, पंकज बिष्ट, दीपा बिष्ट, दीपा सिराड़ी, हेमा बिष्ट, किरन बिष्ट, राजेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन