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कमल बिष्ट ने लिखा हिंदी की उपयोगिता में सबसे अच्छा निबंध

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 01:06 AM IST
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Kamal Bisht wrote the best essay in the usefulness of Hindi
जीआईसी अल्मोड़ा में हुई प्रतियोगिता में अव्वल रहे छात्र मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि के साथ। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। अमर उजाला फाउंडेशन के हिंदी हैं हम आओ मनाएं उत्सव अपनी भाषा..अपने सपनों का, अभियान के तहत जीआईसी अल्मोड़ा सभागार में ‘हिंदी भाषा की उपयोगिता’ विषय पर हुई निबंध प्रतियोगिता में बच्चों ने शानदार निबंध लिखे। प्रतियोगिता में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के कमल बिष्ट ने पहला, कक्षा दस के पंकज सिंह महरा ने दूसरा और कक्षा दस के ललित जोशी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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बच्चों ने निबंध में हिंदी का इतिहास बताते हुए लिखा है कि हिंदी भाषा की आदि जननी संस्कृत है। संस्कृत पाली, प्राकृतिक भाषा से होते हुई अपभ्रंश तक पहुंचती है। फिर अपभ्रंश से गुजरती हुई प्राचीन/ प्रारंभिक हिंदी का रूप लेती है। सामान्यता हिंदी भाषा के इतिहास का आरंभ अपभ्रंश से माना जाता है। हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सभी धर्मों के लोगों को जोड़े रखने का काम करती है। हमारे में से कई लोग ऐसे भी हैं जो यह मानते है कि वह हिंदी नहीं सीखेंगे फिर भी उनका काम बन जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि भारत में हर व्यक्ति अन्य भाषाओं को मुख्य भाषा के रूप में प्रयोग में नहीं ला सकता है, लेकिन हिंदी एक ऐसी भाषा है जिसे हर भारतीय आसानी से समझ सकते हैं।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भारत एक ग्रामीण देश है और इसकी अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखती है। भारत में सभी अंग्रेजी नहीं जानते इसलिए भारत में आपको किसी से भी बात करनी हो या फिर संवाद करना हो तो आपको पहले हिंदी का ज्ञान होना ही चाहिए।
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मुख्य अतिथि विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन सिंह मेर ने कहा कि आज हिंदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। विदेशों में भी तेजी से हिंदी भाषा को अपनाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर भीमा मनराल ने कहा कि हिंदी में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। हिंदी सीखने वाले छात्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। समापन पर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने संयुक्त रूप से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। निर्णायक प्रवक्ता डॉ. प्रेरणा गुरुरानी, रामचंद्र सिंह रौतेला, डॉ. ललित जलाल आदि थे। इस मौके पर शिक्षक जगदीश पांडे समेत अन्य लोग मौजूद थे।
छात्र बोले, हिंदी है जन-जन की भाषा
पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिंदी को बढ़ावा देने के लिए ऐसी प्रतियोगिता कराना अच्छी पहल है। हिंदी अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम से हैं। इसके संरक्षण की पहल होनी चाहिए।
- कमल बिष्ट, कक्षा 12 विज्ञान वर्ग जीआईसी अल्मोड़ा
हिंदी मेरी प्रिय भाषा है। पढ़ाई के साथ ही नियमित रूप से अमर उजाला पढ़ता हूं। आज हर जगह हिंदी का प्रचार-प्रसार हुआ है। हिंदी निबंध प्रतियोगिता में पहली बार भाग लिया है। काफी अच्छा लगा। आगे भी हिंदी को बचाने की पहल होनी चाहिए।

- पंकज सिंह महरा, कक्षा 10 जीआईसी अल्मोड़ा
हिंदी के उत्थान के लिए लगातार काम होना चाहिए। अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल अच्छी है। अमर उजाला अखबार में खेल पेज की खबरें अच्छी लगती है। आगे भी ऐसी प्रतियोगिताएं होनी चाहिए ताकि हिंदी को बढ़ावा मिल सके।
ललित जोशी, कक्षा 10 जीआईसी अल्मोड़ा
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