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Almora News: बीमा की राशि मिलने में लग गए सात साल
Wed, 24 Jan 2024 12:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 24 Jan 2024 12:14 AM IST
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अल्मोड़ा। पीड़ित को ट्रैक्टर दुर्घटना के सात साल बाद बीमा की राशि मिलेगी। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल और सदस्य विद्या बिष्ट ने बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये के भुगतान के आदेश दिए हैं।
जिला नैनीताल हल्द्वानी के टेढ़ी पुलिया निवासी विकास अग्रवाल ने अपने ट्रैक्टर संख्या यूए 04 डी 8319 का छह दिसंबर 2006 को हल्द्वानी परिवहन विभाग में पंजीकरण करवाया था। उसने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मालरोड, जिला अल्मोड़ा के शाखा प्रबंधक के माध्यम से ट्रैक्टर का बीमा करवा, जो 17 नवंबर 2015 से 16 नवंबर 2016 की मध्य रात्रि तक के लिए वैध था। बीमा कंपनी की तरफ से ट्रैक्टर की बीमित राशि 1,74,600 रुपये थी। 16 नवंबर 2016 की दोपहर तीन बजे ट्रैक्टर चंपावत जिले में दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया और चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रैक्टर मालिक ने बीमा कंपनी को इसी तिथि को ही मौखिक और 19 नवंबर को लिखित रूप में घटना की सूचना दी। सर्वेयर ने मौके पर पहुंच ट्रैक्टर को खाई से निकालकर हल्द्वानी भेज दिया। चार लाख रुपये ट्रैक्टर की मरम्मत में लग गए। जब पीड़ित ने बीमा कंपनी में क्लेम किया तो उसे भुगतान नहीं किया गया। उसने 23 नवंबर 2019 को जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। परिवादी के अधिवक्ता भास्कर पांडे ने बताया कि आयोग ने बीमा कंपनी को पालिसी के 1,74,600 रुपये, क्षति पूर्ति 25000, नोटिस व्यय के 1000, वाद व्यय के 5000 रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं। संवाद
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जिला नैनीताल हल्द्वानी के टेढ़ी पुलिया निवासी विकास अग्रवाल ने अपने ट्रैक्टर संख्या यूए 04 डी 8319 का छह दिसंबर 2006 को हल्द्वानी परिवहन विभाग में पंजीकरण करवाया था। उसने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मालरोड, जिला अल्मोड़ा के शाखा प्रबंधक के माध्यम से ट्रैक्टर का बीमा करवा, जो 17 नवंबर 2015 से 16 नवंबर 2016 की मध्य रात्रि तक के लिए वैध था। बीमा कंपनी की तरफ से ट्रैक्टर की बीमित राशि 1,74,600 रुपये थी। 16 नवंबर 2016 की दोपहर तीन बजे ट्रैक्टर चंपावत जिले में दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया और चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
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ट्रैक्टर मालिक ने बीमा कंपनी को इसी तिथि को ही मौखिक और 19 नवंबर को लिखित रूप में घटना की सूचना दी। सर्वेयर ने मौके पर पहुंच ट्रैक्टर को खाई से निकालकर हल्द्वानी भेज दिया। चार लाख रुपये ट्रैक्टर की मरम्मत में लग गए। जब पीड़ित ने बीमा कंपनी में क्लेम किया तो उसे भुगतान नहीं किया गया। उसने 23 नवंबर 2019 को जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। परिवादी के अधिवक्ता भास्कर पांडे ने बताया कि आयोग ने बीमा कंपनी को पालिसी के 1,74,600 रुपये, क्षति पूर्ति 25000, नोटिस व्यय के 1000, वाद व्यय के 5000 रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं। संवाद
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