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Almora News: अल्मोड़ा में 25 वर्षेों में 244 सरकारी स्कूलों में लग गए ताले
Mon, 15 May 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 15 May 2023 11:24 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले में सरकारी शिक्षा की बेहतरी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी स्थिति गंभीर है। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। हालात यह हैं कि ढाई दशकों में जिले में 244 राजकीय प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल में ताला लग चुका है। वहीं 372 स्कूलों में छात्र संख्या मानक के अनुरूप न होने से इन पर भी बंदी की तलवार लटकी हुई है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में वर्ष 1997 से पूर्व 1659 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित थे जिनमें 28,880 विद्यार्थी शिक्षा लेते थे। इन 25 वर्षों में अब तक 244 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं और ये वीरान स्कूल सरकारी शिक्षा को बढ़ावा देने के दावों को फेल साबित कर रहे हैं। वर्तमान की बात करें तो अब भी स्थिति गंभीर है, इस समय संचालित 1415 विद्यालयों में छात्र संख्या घटकर 23,990 रह गई है। इनमें 372 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या 10 से कम होने से कभी भी इन स्कूल में ताला लग सकता है। संवाद
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सरकारी स्कूलों में लगे ताले तो निजी स्कूलों की संख्या बढ़ी
अल्मोड़ा। 25 वर्ष पूर्व तक जिले भर में महज 12 निजी स्कूल पंजीकृत थे। वर्तमान में जिले में 24 से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इससे साफ है कि जहां सरकारी शिक्षा दम तोड़ रही है और सरकारी स्कूलों में ताले लग रहे हैं वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संवाद
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पलायन भी बड़ी वजह
अल्मोड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए सरकारी विद्यालयों के बंद होने की बड़ी वजह पलायन भी है। जिले में अब तक सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में 259 गांव जनशून्य हो गए हैं। इन अव्यवस्थाओं से जूझते हुए लोग लगातार गांवों से पलायन कर रहे हैं और शहरों की तरफ रुख कर वहां अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में छात्र संख्या कम होने से कई स्कूलों में ताले लग चुके हैं और कई में शायद निकट भविष्य में ताला लग जाएगा। संवाद
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अब तक बंद हुए स्कूल
विकासखंड स्कूलों की संख्या
धौलादेवी 14
ताकुला 08
भिकियासैंण 40
चौखुटिया 45
भैसियाछाना 19
स्याल्दे 17
लमगड़ा 12
सल्ट 31
हवालबाग 17
ताड़ीखेत 25
द्वाराहाट 16
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कोट- जिले में 244 राजकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल बंद हो चुके हैं। भविष्य में यदि इन विद्यालयों में छात्र संख्या मानकों के अनुरूप होगी तो इन्हें खोला जाएगा। - अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी, प्रारंभिक, अल्मोड़ा।
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शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में वर्ष 1997 से पूर्व 1659 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित थे जिनमें 28,880 विद्यार्थी शिक्षा लेते थे। इन 25 वर्षों में अब तक 244 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं और ये वीरान स्कूल सरकारी शिक्षा को बढ़ावा देने के दावों को फेल साबित कर रहे हैं। वर्तमान की बात करें तो अब भी स्थिति गंभीर है, इस समय संचालित 1415 विद्यालयों में छात्र संख्या घटकर 23,990 रह गई है। इनमें 372 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या 10 से कम होने से कभी भी इन स्कूल में ताला लग सकता है। संवाद
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सरकारी स्कूलों में लगे ताले तो निजी स्कूलों की संख्या बढ़ी
अल्मोड़ा। 25 वर्ष पूर्व तक जिले भर में महज 12 निजी स्कूल पंजीकृत थे। वर्तमान में जिले में 24 से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इससे साफ है कि जहां सरकारी शिक्षा दम तोड़ रही है और सरकारी स्कूलों में ताले लग रहे हैं वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संवाद
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पलायन भी बड़ी वजह
अल्मोड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए सरकारी विद्यालयों के बंद होने की बड़ी वजह पलायन भी है। जिले में अब तक सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में 259 गांव जनशून्य हो गए हैं। इन अव्यवस्थाओं से जूझते हुए लोग लगातार गांवों से पलायन कर रहे हैं और शहरों की तरफ रुख कर वहां अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में छात्र संख्या कम होने से कई स्कूलों में ताले लग चुके हैं और कई में शायद निकट भविष्य में ताला लग जाएगा। संवाद
अब तक बंद हुए स्कूल
विकासखंड स्कूलों की संख्या
धौलादेवी 14
ताकुला 08
भिकियासैंण 40
चौखुटिया 45
भैसियाछाना 19
स्याल्दे 17
लमगड़ा 12
सल्ट 31
हवालबाग 17
ताड़ीखेत 25
द्वाराहाट 16
कोट- जिले में 244 राजकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल बंद हो चुके हैं। भविष्य में यदि इन विद्यालयों में छात्र संख्या मानकों के अनुरूप होगी तो इन्हें खोला जाएगा। - अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी, प्रारंभिक, अल्मोड़ा।